छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों को मिली बड़ी सफलता, 45 लाख का इनामी समेत 2 और शीर्ष नक्सली हुए ढेर

Chhattisgarh Naxalite Bhaskar Rao: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान में एक और बड़ी कामयाबी मिली है। इंद्रावती नेशनल पार्क के जंगलों में शुक्रवार को हुई मुठभेड़ में 45 लाख रुपये के इनामी नक्सली कमांडर भास्कर उर्फ मइलारापु अडेल्लू और एक अन्य शीर्ष नक्सली को मार गिराया गया। इस ऑपरेशन ने नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान को और मजबूती दी है। जो केंद्र और राज्य सरकार की 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को समाप्त करने की रणनीति का हिस्सा है।
मुठभेड़ का विवरण
पुलिस खबरों के अनुसार बीजापुर के इंद्रावती नेशनल पार्क में सुरक्षा बलों को खुफिया जानकारी मिली थी कि शीर्ष नक्सली कमांडर भास्कर क्षेत्र में मौजूद हैं। इसके आधार पर सीआरपीएफ, डीआरजी, और कोबरा बटालियन की संयुक्त टीम ने ऑपरेशन शुरू किया। सुबह शुरू हुई मुठभेड़ में भारी गोलीबारी के बाद भास्कर और एक अन्य नक्सली मारे गए। मुठभेड़ स्थल से एक एके-47 राइफल, विस्फोटक सामग्री, और अन्य हथियार बरामद किए गए।
खूंखार नक्सली कमांडर
मारा गया नक्सली भास्कर तेलंगाना के आदिलाबाद जिले का निवासी था। और सीपीआई (माओवादी) संगठन की तेलंगाना राज्य समिति का मंचेरियल कोमरम भीम का सचिव था। छत्तीसगढ़ सरकार ने उस पर 25 लाख और तेलंगाना सरकार ने 20 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। वह कई बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड था और भोले-भाले युवाओं को नक्सली संगठनों में भर्ती कराता था। इसी बीच बीजापुर जिले में आज यानी शनिवार को जवानों ने 2 और नक्सली को ढेर कर दिया है। इनके पास से ऑटोमेटिक हथियार बरामद किया गया है। फिलहाल नेशनल पार्क इलाके में यह मुठभेड़ अब भी जारी है।
लगातार मिल रही सफलता
यह मुठभेड़ हाल के दिनों में तीसरी बड़ी सफलता है। गुरुवार को उसी क्षेत्र में 40 लाख रुपये के इनामी नक्सली सुधाकर को मार गिराया गया था। बीजापुर और नारायणपुर में इस साल अब तक 134 नक्सली ढेर किए जा चुके हैं। जिनमें से 118 बस्तर संभाग में मारे गए हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षा बलों की इस उपलब्धि की सराहना की और कहा कि सरकार नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।
नक्सल मुक्त भारत की दिशा में कदम
छत्तीसगढ़ पुलिस और केंद्रीय बलों की संयुक्त कार्रवाइयों ने नक्सलियों की कमर तोड़ दी है। इस साल बस्तर रेंज में 80 दिनों में 97 हार्डकोर नक्सली मारे गए हैं। मुठभेड़ों के साथ-साथ आत्मसमर्पण नीति और नियद नेल्ला नार योजना के तहत भी कई नक्सलियों ने हथियार डाले हैं। सुकमा में हाल ही में 16 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। जिनमें 6 पर 25 लाख रुपये का इनाम था।
सुरक्षा बल अब क्षेत्र में तलाशी अभियान तेज कर रहे हैं। ड्रोन और आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर नक्सलियों के ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि एक गांव को नक्सल मुक्त करने पर 1 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी।
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