
SC on Pahalgam Attack: पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान आमने-समाने है। इस हमले के बाद भारत सरकार ने कई बड़े कदम उठाए, जिसका असर पाकिस्तान पर देखने को मिल रहा है। वहीं, NIAऔऱ सेना भी अपने काम में लगी हुई है। इस बीच गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने पहलगाम हमले की न्यायिक जांच वाले याचिका पर सुनवाई की। जस्टिस सूर्यकांत और एन कोटिश्वर सिंह ने याचिका को खारिज करते हुए याचिकाकर्ता को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि जज आतंकी मामलों की जांच के विशेषज्ञ नहीं हैं। इस महत्वपूर्ण समय में देश के हर नागरिक ने आतंकवाद से लड़ने के लिए हाथ मिलाया है। साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा कि क्या वो सेना का मनोबल गिराना चाहते हैं?
कोर्ट ने याचिका वापस लेने को कहा
जस्टिस सूर्यकांत और एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने सुनवाई करते हुए सख्त लहजे में याचिका को वापस लेने को कहा। सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट ने याचिकाकर्ता फतेह कुमार साहू और अन्य फटकार लगाते हुए याचिका को वापस लेने को कहा। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओंसे कहा कि याचिकाकर्ताओं से कहा कि वे इस मुद्दे की संवेदनशीलता को समझें और अदालत में ऐसी कोई अपील न करें, जिससे सुरक्षा बलों का मनोबल गिरे।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, आप सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से जांच करने के लिए कह रहे हैं। वे जांच में विशेषज्ञ नहीं हैं। वे केवल निर्णय दे सकते हैं और किसी मुद्दे पर निर्णय ले सकते हैं। हमें आदेश पारित करने के लिए मत कहिए। आप जहां जाना चाहते हैं, वहां जाएं। बेहतर होगा कि आप वापस चले जाएं।'
26 लोगों की गई थी जान
गौरतलब है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी। आतंकियों ने कयारतापूर्ण तरीके से चिन्हित करके लोगों की जान ले ली थी। इस हमले के बाद भारत औऱ पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। जहां एक ओर NIAइस पूरे हमले जांच कर रही है और जम्मू-कश्मीर में इस हमले में आतंकियों के मददगारों तक पहुंच रही है तो वहीं, दूसरी ओर केंद्र सरकार अपने फैसलों से पाकिस्तान की कमर तोड़ने में जुटी है। हमले की आशंका देखते हुए पाकिस्तान भी अपनी सेना को तैनात कर रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल कई वीडियो में बड़ी संख्या में तोपों सहित अन्य हथियार जाते दिख रहे हैं।
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