
Tej Pratap Yadav And Anushka Yadav News: बिहार की राजनीति में तेजप्रताप यादव और अनुष्का यादव का रिश्ता सुर्खियों में बना हुआ है। दोनों की तस्वीरें सामने आने के बाद लालू प्रसाद यादव ने तेजप्रताप के खिलाफ सख्त एक्शन लेते हुए उन्हें पार्टी और परिवार से बाहर निकाल दिया था। अब लालू के इस फैसले पर राजद में ही दो फाड़ होते दिख रहा है। दरअसल, तेजप्रताप का बचाव करने आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह सामने आए हैं। उन्होंने तेजप्रताप यादव का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने जो किया है, यह कोई अनैतिक काम नहीं है। मैं व्यक्तिगत तौर पर इसे अनैतिक नहीं मानता हूं। इसके साथ ही राजद सांसद ने रामविलास पासवान का भी उदाहरण दिया, जिन्होंने दो शादियां की थीं। गौरतलब है कि ऐश्वर्या राय से तेजप्रताप यादव की शादी हुई थी, लेकिन एक साल बाद ही दोनों के रिश्तों में दरार आ गई। इस वक्त दोनों के तलाक का केस कोर्ट में चल रहा है।
सुधाकर सिंह ने किया बचाव
आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने तेजप्रताप यादव का बचाव करते हुए कहा कि दो शादियां भारतीय हिंदू रीति-रिवाज में रही हैं। तीन-तीन, चार-चार शादियों के बारे में हम लोगों ने सुना है। अभी भी लोगों की कई शादियां हो रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि दो शादियां भारतीय हिंदू रीति-रिवाज में रही हैं। तीन-तीन, चार-चार शादियों के बारे में हम लोगों ने सुना है। अभी भी लोगों की कई शादियां हो रही हैं।सुधाकर सिंह ने इस पूरे मामले में रामविलास पासवान को भी घसीट लिया। उन्होंने कहा, 'केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को ही ले लीजिए तो वो दूसरी मां से जन्मे हैं। कई लोगों की दो या तीन शादियां हुई हैं। ये कोई बड़ी बात नहीं है। ये सब गुनाह की श्रेणी में नहीं आता है।' सुधाकर सिंह ने लालू यादव से अपील की कि उन्हें तेजप्रताप यादव को स्वीकार कर लेना चाहिए।
लालू यादव ने तेजप्रताप के खिलाफ लिया एक्शन
तेजप्रताप यादव और अनुष्का यादव की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लालू प्रसाद यादव ने अपने एक्स अकाउंट से ट्वीट करके तेजप्रताप यादव के खिलाफ सख्त एक्शन लिया। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “निजी जीवन में नैतिक मूल्यों की अवहेलना करना हमारे सामाजिक न्याय के लिए सामूहिक संघर्ष को कमजोर करता है। ज्येष्ठ पुत्र की गतिविधि, लोक आचरण तथा गैर जिम्मेदाराना व्यवहार हमारे पारिवारिक मूल्यों और संस्कारों के अनुरूप नहीं है। अतएव उपरोक्त परिस्थितियों के चलते उसे पार्टी और परिवार से दूर करता हूं। अब से पार्टी और परिवार में उसकी किसी भी प्रकार की कोई भूमिका नहीं रहेगी। उसे पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित किया जाता है। अपने निजी जीवन का भला -बुरा और गुण-दोष देखने में वह स्वयं सक्षम है। उससे जो भी लोग संबंध रखेंगे वो स्वविवेक से निर्णय लें। लोकजीवन में लोकलाज का सदैव हिमायती रहा हूं। परिवार के आज्ञाकारी सदस्यों ने सावर्जनिक जीवन में इसी विचार को अंगीकार कर अनुसरण किया है।“
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