Samrat Choudhary Oath Ceremony: बिहार की राजनीति में एक ऐतिहासिक पल आ गया है। जनता दल (यूनाइटेड) के सुप्रीमो नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद आज सुबह लोक भवन में बीजेपी नेता और तारापुर विधायक सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वह बिहार के 24वें मुख्यमंत्री बने हैं। इसी के साथ यह बीजेपी के लिए 75 साल का इंतजार खत्म करने वाला दिन है।
शपथ ग्रहण समारोह में उनके साथ जेडीयू के दो दिग्गज नेता विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव ने भी डिप्टी मुख्यमंत्री पद की शपथ ली हैं। बता दें, नीतीश कुमार के करीबी इन दोनों नेताओं को 'विजय-विजेंद्र' जोड़ी के नाम से जाना जाता है। राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
सम्राट चौधरी का राजनीतिक परिवार
सम्राट चौधरी का जन्म 16 नवंबर 1968 को मुंगेर जिले के लखनपुर गांव में हुआ। वे 57 साल के हैं और राजनीति उनके खून में है। उनके पिता शकुनी चौधरी समता पार्टी के संस्थापक सदस्य थे, जो सात बार विधायक और सांसद रह चुके थे। मां पार्वती देवी भी तारापुर से विधायक रही हैं। इस परिवार की जड़ें मुंगेर-तारापुर क्षेत्र में गहरी हैं, जहां सम्राट चौधरी ने 2025 के विधानसभा चुनाव में तारापुर सीट से जीत हासिल की।
शिक्षा में उन्होंने मदुरै कामराज यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट (ऑनररी) हासिल किया। उन्होंने 1990 के दशक में राजनीति में प्रवेश किया। शुरू में आरजेडी के साथ जुड़े, फिर जेडीयू और अब बीजेपी में सक्रिय। 1999 में राबड़ी देवी सरकार में कृषि मंत्री बने। 2010-2014 के बीच तारापुर से विधायक रहे और विभिन्न मंत्रालय संभाले। 2024 में नीतीश कुमार सरकार में डिप्टी सीएम बने और अब पूर्ण मुख्यमंत्री बन गए। वे ओबीसी समुदाय के प्रभावशाली नेता माने जाते हैं, जिन्हें संगठन कौशल और जनसंपर्क की वजह से जाना जाता है।
Also read: Nitish Kumar:'जहां तक हो सका, मैंने बिहार के लिए...' आखिरी कैबिनेट बैठक में भावुक हुए नीतीश कुमार
नीतीश के 'विजय-विजेंद्र का परिचय
विजय कुमार चौधरी: जेडीयू के वरिष्ठ नेता, कई बार मंत्री रह चुके हैं। वे बिहार की राजनीति में स्थिरता और प्रशासनिक अनुभव के लिए जाने जाते हैं। नीतीश सरकार में अहम भूमिका निभाते रहे और अब डिप्टी सीएम के रूप में नई सरकार को मजबूती देंगे।
विजेंद्र प्रसाद यादव: 1946 में जन्मे, 79 साल के इस अनुभवी नेता सुपौल से 1990 से लगातार विधायक हैं। वे वित्त, योजना और विकास जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभाल चुके हैं। यादव समुदाय के प्रतिनिधि के तौर पर वे सामाजिक संतुलन बनाए रखने में मदद करेंगे।