संभल सांसद जियाउर्रहमान को मिली बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने बिजली विभाग को दिया यह आदेश

संभल सांसद जियाउर्रहमान को मिली बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने बिजली विभाग को दिया यह आदेश

Sambhal MP Ziaur Rahman: समाजवादी पार्टी के संभल सांसद जियाउर्रहमान बर्क को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बिजली चोरी के मामले में बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने बिजली विभाग की कार्रवाई को मनमानी करार देते हुए 1.91 करोड़ रुपये के बकाया बिल पर रोक लगा दी है। साथ ही कोर्ट ने बिजली विभाग को तीन सप्ताह के भीतर सांसद का बिजली कनेक्शन बहाल करने का निर्देश दिया है। यह फैसला जियाउर्रहमान के लिए एक बड़ी जीत माना जा रहा है। जो लंबे समय से इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे।

क्या है पूरा मामले?
जियाउर्रहमान बर्क पर बिजली चोरी का आरोप पिछले साल तब लगा जब बिजली विभाग ने उनके दीपा सराय स्थित आवास पर छापेमारी की थी। विभाग ने दावा किया था कि सांसद के घर में अवैध रूप से बिजली का उपयोग हो रहा था और इसके लिए 1.91 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया। बिजली विभाग ने 12 साल पुराने बिलों का हवाला देते हुए यह कार्रवाई की थी। लेकिन सांसद और उनके वकील ने इसे गलत और राजनीति से का हवाला देते हुए। उनके अधिवक्ता ने कोर्ट में तर्क दिया कि बिजली चोरी का मूल्यांकन केवल एक साल के लिए होना चाहिए न कि 12 साल पीछे का। 
 
हाईकोर्ट का फैसला
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सांसद के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा कि बिजली विभाग का 12 साल पुराने बिलों के आधार पर जुर्माना लगाना नियमों के खिलाफ है। कोर्ट ने विभाग की कार्रवाई को 'मनमानी' करार दिया और सांसद को राहत देते हुए 1.91 करोड़ रुपये की वसूली पर रोक लगा दी। इसके साथ ही कोर्ट ने बिजली विभाग को निर्देश दिया कि वह तीन सप्ताह के भीतर जियाउर्रहमान का बिजली कनेक्शन बहाल करे। कोर्ट ने यह भी कहा कि सांसद को दो सप्ताह में 6 लाख रुपये जमा करने होंगे। जो इस मामले में आगे की प्रक्रिया के लिए जरूरी है। 
 
सांसद की प्रतिक्रिया
फैसले के बाद जियाउर्रहमान बर्क ने कहा "यह मेरे और मेरे समर्थकों के लिए न्याय की जीत है। बिजली विभाग की कार्रवाई शुरू से ही पक्षपातपूर्ण थी। मैं कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करता हूं और जनता की सेवा में हमेशा तत्पर रहूंगा।" उनके समर्थकों ने भी इस फैसले का स्वागत किया और इसे सत्तारूढ़ दल की कथित 'प्रतिशोधात्मक कार्रवाई' के खिलाफ जीत बताया। 
 
इस फैसले के बाद सांसद के समर्थकों में उत्साह का माहौल है। बिजली विभाग को अब कोर्ट के निर्देशों का पालन करना होगा और इस मामले में आगे की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। यह मामला न केवल संभल बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ था।

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