अफवाहों से मचा पेट्रोल-डीजल संकट का डर, तेल कंपनियों ने किया खुलासा

अफवाहों से मचा पेट्रोल-डीजल संकट का डर, तेल कंपनियों ने किया खुलासा

Petrol Diesel Shortage Rumours: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच दुनिया भर में तेल और गैस को लेकर चिंता बढ़ गई है, लेकिन भारत सरकार ने साफ कहा है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आश्वस्त किया कि भारत के पास ऊर्जा के पर्याप्त भंडार हैं और सरकार लगातार जरूरी कदम उठा रही है। वहीं भारत पेट्रोलियम ने भी बयान जारी कर कहा कि पेट्रोल और डीजल की कमी की खबरें पूरी तरह अफवाह हैं और सप्लाई चेन पूरी क्षमता से काम कर रही है। तेलंगाना पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने भी साफ किया कि राज्य में HPCL, IOCL और BPCL के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।

महाराष्ट्र में अफरा-तफरी का माहौल

इसके बावजूद महाराष्ट्र के कई जिलों में बुधवार को अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों के कारण लोगों ने पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगा दीं। इस ‘पैनिक बाइंग’ की वजह से कुछ जगहों पर अस्थायी कमी जैसी स्थिति बन गई। कोल्हापुर में हालात ऐसे रहे कि दोपहिया वाहनों को सिर्फ 200 रुपये और चार पहिया वाहनों को 1000 रुपये तक का ही पेट्रोल दिया गया। वहीं नाशिक के येवला इलाके में आधी रात से ही लोग पेट्रोल पंपों पर पहुंच गए और 1 से 1.5 किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं।

पेट्रोल पंपों लगा ये बोर्ड

गढ़चिरौली में कुछ पेट्रोल पंपों पर “नो पेट्रोल” और “नो डीजल” के बोर्ड लगा दिए गए, जिससे लोगों में डर और बढ़ गया। रत्नागिरी में भी कई पंपों पर सप्लाई प्रभावित रही, जबकि नागपुर में 8 से 10 पेट्रोल पंप अस्थायी रूप से खाली हो गए। हालांकि प्रशासन ने बार-बार स्पष्ट किया है कि यह संकट असली कमी का नहीं, बल्कि अफवाहों का परिणाम है। कोल्हापुर के जिलाधिकारी अमोल येडगे समेत कई अधिकारियों ने कहा कि राज्य में पर्याप्त ईंधन उपलब्ध है और लोग बेवजह भीड़ न करें।

क्या कहते है विशेषज्ञ?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति “मनोवैज्ञानिक संकट” है, जो सोशल मीडिया अफवाहों, अंतरराष्ट्रीय तनाव और पुरानी यादों के कारण पैदा हुआ है। अगर लोग संयम रखें और अफवाहों से दूर रहें, तो हालात जल्द सामान्य हो सकते हैं।

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