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एंट्री टैक्स और पेट्रो सेस के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने दिया बड़ा बयान, कहा-हर बात पर राजनीति कर रही है भाजपा

एंट्री टैक्स और पेट्रो सेस के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने दिया बड़ा बयान, कहा-हर बात पर राजनीति कर रही है भाजपा

HIMACHAL NEWS: हिमाचल प्रदेश में एंट्री टैक्स और विधवा अनाथ सेस का मुद्दा गरमाया हुआ है। बुधवार को हिमाचल प्रदेश विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक बार फिर एंट्री टैक्स का मुद्दा उठाया गया। भाजपा विधायक राकेश जमाल, सुखराम चौधरी और गगरेट कांग्रेस विधायक राकेश कालिया के प्रश्न पर सदन के भीतर पक्ष विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। पूरे मुद्दे पर सदन के बाहर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एंट्री टैक्स के इतना नहीं बड़ा है जितना इस पर शोर मचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने भाजपा पर हर बात पर राजनीति करने का आरोप लगाया है।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस मुद्दे पर भाजपा और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर तीखा पलटवार किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा हर बात पर अड़ जाती है और हर मुद्दे पर राजनीति करने की कोशिश करती है. उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भी हर विषय को राजनीतिक रंग देने में लगे हुए हैं। राज्य सरकार प्रदेश के हित में निर्णय ले रही है. मुख्यमंत्री ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने एंट्री टैक्स को केवल फास्टैग प्रणाली के साथ जोड़ा है. इसके चलते एंट्री टैक्स में कुछ बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन वास्तविकता यह है कि टैक्स उतना नहीं बढ़ा है जितना शोर मचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कोई नई व्यवस्था नहीं है। पिछले लगभग 40वर्षों से एंट्री टैक्स की व्यवस्था लागू है। उन्होंने कहा कि कीमतों में सामान्य वृद्धि को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है और भाजपा इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि जयराम ठाकुर प्रधानमंत्री से मिलकर रोते हैं, जबकि उन्हें प्रधानमंत्री से RDG दिलाने के मुद्दे पर चर्चा करनी चाहिए थी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा की जयराम ठाकुर ने संसद के बाहर जाकर बयान दिया कि सरकार ने अनाथ और विधवा सेस लगा दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी केवल सेस लगाने का अधिकार देने वाला बिल पास हुआ है। मुख्यमंत्री ने  कहा कि राज्यपाल की अनुमति के बाद एक्ट बनेगा और सरकार के पास सेस लगाने का अधिकार होगा। उन्होंने कहा कि राज्यपाल की स्वीकृति मिलने के बाद सरकार यह तय करेगी कि सेस लगाया जाना है या नहीं। सेस अधिकतम सीमा पांच रुपये तय की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहें तो दो पैसे या पांच पैसे तक का सेस भी लगा सकती है। इसलिए इस मुद्दे पर अनावश्यक भ्रम फैलाना उचित नहीं है।

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