
नई दिल्ली: आधुनिक समय में आज देश हर क्षेत्र में तरक्की कर रहा है। अस्तपाल से लेकर तकनीक के क्षेत्र तक विश्व में भारत का डंका बज रहा है। ऐसे में देश के सरकारी अस्तपाल में एक सफल परिक्षण किया गया हैं, जिसमें पहली बार दिल्ली के सफदरजंग अस्तपाल में रोबोटिक रीनल (किडनी) ट्रांसप्लांट हुआ। जो देश के लिए एक उपलब्धी हैं।
देश में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल (Safdarjung Hospital) ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। दरअसल बीते गुरुवार को अस्पताल में रोबोट से किडनी का सफल प्रत्यारोपण (Kidney Transplant) हुआ हैं, ऐसा करने वाला सफगरजंग देश का पहला सरकारी अस्पताल बना है। जहां किडनी ट्रांसप्लांट रोबोट की मदद से की गई है। अभी तक अस्पताल में रोबोट की मदद से किडनी निकाली गई थी। लेकिन गुरुवार को किडनी दूसरे मरीज के शरीर में ट्रांसप्लांट भी रोबोट की मदद से ही की गई है। बता दें किअस्पलताल के डॉ. हिमांशु वर्मा ने बताया कि सफदजंग अस्पताल में अभी तक 100 किडनी ट्रांसप्लांट हो चुकी हैं, इनमें से 99 ट्रांसप्लांट सामान्य रूप से डॉक्टरों द्वारा की गयीं, जबकि गुरुवार को रोबोटिक के माध्यम से 100वीं ट्रांसप्लांट की गई है।
5 साल से परेशान था मरीज
अस्पताल से मुताबिक, मरीज का नाम किशोर हैं जो उत्तरप्रदेश के फर्रुखाबाद का रहना वाला हैं। वहां किडनी की समस्या से पिछले 5 साल से पीड़ित था। ऐसे में समस्या को देखते हुए सफदजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीएल शेरवाल के नेतृत्व में टीम बनाई गई। इस टीम में यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रोफेसर (डॉ) अनूप कुमार, नेफ्रोलॉजी विभाग प्रमुख डॉ. हिमांशु वर्मा, एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. मधु दयाल व इनके सहयोगी शामिल हुए। डॉ के मुताबीक अब मरीज की हालात स्वस्थ है और जल्द ही उसको अस्तपाल से छुट्टी मिल जाएंगी।
क्या होती है द विंची रोबोटिक सर्जरी
द विंची रोबोटिक सर्जरी एक उन्नत किस्म की सर्जरी होती है, जिसमें रोबोटिक मदद ली जाती है। डॉक्टर इससे जटिल सर्जरी को भी बहुत सटीकता से कर सकते हैं। इस सर्जरी में ऊतकों को कम से कम नुकसान पहुंचता है। इसकी सुरक्षा और प्रभाव को लेकर कई चिकित्सीय लेखों में शोध प्रकाशित हो चुके हैं। विश्वभर में विभिन्न अस्पतालों में 1700 से अधिक द विंची रोबोट सर्जरी तंत्र है। वहीं, साढ़े सात लाख से अधिक मरीज इस तकनीक से सर्जरी करवा चुके हैं।
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