Sharmaji Namkeen: ज़िंदगी मीठी या तिखी नहीं नमकीन होनी चाहिए, ऋषि कपूर ने अपनी आखिरी फिल्म में युवाओं को दिया संदेश

Sharmaji Namkeen: ज़िंदगी मीठी या तिखी नहीं नमकीन होनी चाहिए, ऋषि कपूर ने अपनी आखिरी फिल्म में युवाओं को दिया संदेश

नई दिल्ली: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता ऋषि कपूर को अभी तक उनके फैन्स भूला नहीं पाए हैं। ऋषि की आखिरी फिल्म 'शर्माजी नमकीन' है। जिसकी शूटिंग वह अपनी बीमारी के चलते पूरी नहीं कर सके थे। इसके बाद उनके किरदार की बची हुई शूटिंग परेश रावल ने पूरी की है। हितेश भाटिया के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में जूही चावला, सुहैल नय्यर, तारुक रैना, सतीश कौशिक, शीबा चड्ढा और ईशा तलवार मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे।

ऋषि कपूर ने अपनी इस फिल्म से हिंदी सिनेमा को इतराना सिखाया है। ऋषि कपूर की फिल्मों का अपना एक अलग अंदाज रहा है। उनकी मुस्कान के करोड़ों लोग दीवाने रहे हैं। ऋषि कपूर एक ऐसे कलाकार रहे जो अपने चाहने वालों से बातों को सुन्ने और समझने लिए हर समय उपलब्ध रहते थे। रणबीर कपूर भले अपने पिता की आखिरी फिल्म ‘शर्माजी नमकीन’ के प्रचार के लिए सिर्फ अंग्रेजी न्यूज चैनलों से ही बातें करने की शर्त रखते हों, लेकिन ऋषि कपूर ने हमेशा रणबीर का नादानियों को माफ किया और जरूरत पड़ने पर उनकी तरफ से हिंदी मीडिया से माफी भी मांगी। ‘शर्माजी नमकीन’ कहानी है एक ऐसे सेवानिवृत्त इंसान की जो अब भी खुद को रिटायर नहीं मानता। उसका जिंदगी जीने का अपना एक स्वाद है। वह सादी दाल जैसी जिंदगी नहीं जीना चाहता।

इस फिल्म को 31 मार्च से ऐमजॉन प्राइम वीडियो वर्ल्ड वाइड पर रिलीज किया जाएगा। ‘शर्माजी नमकीन’ ऐसी पहली हिंदी फिल्म है, जिसमें दो दिग्गज ऐक्टर ऋषि कपूर और परेश रावल, एक साथ एक ही किरदार निभाते नजर आएंगे। सेल्फ-रियलाइजेशन और खुद को तलाशने की दिलचस्प और दिल छू लेने वाली कहानी ‘शर्माजी नमकीन’ एक ऐसे रिटायर हुए व्यक्ति की कहानी है, जो एक महिला के किटी सर्कल में शामिल होने के बाद कुकिंग को लेकर जुनूनी हो जाता है। फिल्म देखते समय आपको ऋषि कपूर की पिछली फिल्मों ‘राजमा चावल’ और ‘दो दूनी चार’ की याद आती रहती है, लेकिन इस फिल्म में ऋषि कपूर का कैमरे के सामने आखिरी अभिनय है। 

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