Jagannath Rath Yatra 2024: आखिर क्यों रथयात्रा से पहले भगवान जगन्नाथ होते हैं बीमार? इसके पीछे छिपा है ये रहस्य

Jagannath Rath Yatra 2024: आखिर क्यों रथयात्रा से पहले भगवान जगन्नाथ होते हैं बीमार? इसके पीछे छिपा है ये रहस्य

Jagannath Rath Yatra 2024: हर साल आषाढ़ के महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को ओडिशा के पुरी में धूमधाम से जगन्नाथ रथ यात्रा का आयोजन किया जाता है। इसमं हजारों की संख्या में भक्त हिस्सा लेते हैं। इस यात्रा में तीन रथों पर भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और देवी सुभद्रा विराजते हैं।

ये यात्रा इस साल 7 जुलाई को सुबह 4 बजकर 26 मिनट पर शुरू होगी।जिसका समापन 8 जुलाई को सुबह 4 बजकर 59 मिनट पर होगा। इस यात्रा के शुरू होने से 15 दिन पहले भगवान जगन्नाथ जो जगत के पालनहार हैं वो बीमार पड़ जाते हैं। क्या आप जानते हैं आखिर इसके पीछे का कारण क्या है?

ये है कारण

दरअसल, इसके पीछे एक पौराणिक कथा है। इसके अनुसार, भगवान जगन्नाथ का एक बहुत बड़ा भक्त था, जिसका नाम माधव था। जब एक दिन वो बीमार हो गया तो उस दौरान स्वयं भगवान जगन्नाथ उसकी सेवा करने पहुंचे थे। जब भक्त ने कहा प्रभु आप मेरी सेवा क्यों कर रहे हैं, आप तो मुझे ठीक भी कर सकते हैं। तो  इस पर भगवान ने कहा कि प्रारब्ध तो झेलना ही पड़ता है चाहे कुछ भी हो। अगर इसे अभी कटवा लोगे तो  अगले जन्म में भोगना पड़ेगा।

साल में एक बार होते हैं बीमार

जगत के पालनहार ने कहा कि ये पीड़ा तुमको 15 दिन तक और झेलनी पड़ेगी इस वजह ये ये पीड़ा तुम मुझे दे दो। मै इस पीड़ा को भोग लूंगा और तुम्हारा प्रारब्ध कट जाएगा। कहते हैं तभी से भगवान जगन्नाथ साल में एक बार 15 दिनों के लिए बीमार होते हैं। एक और मान्यता ये भी है कि भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा रथ पर बैठकर अपनी मौसी के घर जाते हैं। वहां वो 7 दिन तक रुकते हैं और इसके बाद वो वापस आते हैं। हर साल ये परंपरा निभाई जाती है।

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