
Makar Sankranti 2026: हिंदू धर्म में मकर संक्रांति का पर्व सूर्य देव की उपासना और उत्तरायण के आगमन का प्रतीक है। इस साल 14जनवरी 2026को मनाई जाने वाली मकर संक्रांति विशेष रूप से शुभ होगी, क्योंकि इस दिन तीन दुर्लभ योगों का संयोग बन रहा है। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, ये योग कई सालों में एक बार बनते हैं। इस दौरान पूजा-पाठ, दान तथा स्नान करने से पुण्य जरूर मिलता है।
इस अवसर पर सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे खरमास समाप्त होगा और मांगलिक कार्यों की शुरुआत होगी। साथ ही, एकादशी तिथि का संयोग होने से हरि-हर की कृपा प्राप्त होगी, जो जीवन से कष्टों को दूर कर सफलता के द्वार खोलेगी।
3दुर्लभ योग और उनका महत्व
ज्योतिषों की मानें तो इस मकर संक्रांति पर तीन प्रमुख दुर्लभ योग बन रहे हैं, जो धार्मिक अनुष्ठानों को विशेष फलदायी बनाते है:-
1. सर्वार्थ सिद्धि योग:यह योग सभी प्रकार की मनोकामनाओं को पूरा करता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है। इसकी अवधि सुबह 7:15बजे से अगले दिन तड़के 3:03बजे तक रहेगी। इस दौरान किए गए सभी शुभ कार्य सफल होते है।
2. अमृत सिद्धि योग:अमृत जैसी शक्ति प्रदान करने वाला यह योग स्वास्थ्य, समृद्धि और स्थिरता बढ़ाता है। इसकी अवधि सुबह 7:15बजे से अगले दिन तड़के 3:03बजे तक रहेगी। इस दौरान किए गए कार्यों से लाभ मिलता है।
3. रवि पुष्कर योग:सूर्य से जुड़ा यह योग जीवन में सुख-समृद्धि लाता है, शत्रुओं पर विजय दिलाता है और ऊर्जा को कई गुना बढ़ाता है।
ये योग संयुक्त रूप से माता लक्ष्मी की कृपा, रोगों के नाश और आर्थिक स्थिरता प्रदान करते हैं। ज्योतिषियों का मानना है कि ऐसे संयोग से सूर्य की अनुकूलता बढ़ती है, जो जन्म कुंडली के दोषों को दूर करती है। इसके अलावा कुछ गणनाओं में चतुर्ग्रही योग का भी उल्लेख है, जिसमें मकर राशि में सूर्य के साथ अन्य ग्रहों की युति से करियर और धन संबंधी अवसर खुलते हैं।
इन उपायों को जरूर अपनाएं
मकर संक्रांति पर इन सरल उपायों को अपनाकर जीवन के कष्टों से मुक्ति पाई जा सकती है और बड़ी सफलता प्राप्त की जा सकती है:
1. सूर्य अर्घ्य:ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 5:27से 6:21बजे) में स्नान करें। तांबे के लोटे में जल लें, इसमें अक्षत, लाल या पीला चंदन मिलाएं। उगते सूर्य को अर्घ्य देते हुए 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' मंत्र का जाप करें। यह शारीरिक-मानसिक कष्ट दूर करता है और स्वास्थ्य लाभ देता है।
2. पूजा-अनुष्ठान:इस दौरान सफेद या पीले वस्त्र पहनें। भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करें और भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें। इससे लक्ष्मी का स्थायी वास होता है और पितृ दोष निवारण होता है।
3. दान-पुण्य:तिल, गुड़, खिचड़ी, कंबल, चावल, मूंग दाल, ऊनी वस्त्र या तांबे का कलश दान करें। यह सूर्य और शनि को प्रसन्न करता है, शत्रुओं को शांत करता है और धन-धान्य बढ़ाता है।
मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त
उदयातिथि के अनुसार, मकर संक्रांति इस बार 14जनवरी 2025को ही मनाई जाएगी। इस दिन सूर्य सुबह 8बजकर 41मिनट मकर राशि में प्रवेश करेंगे। हिंदू पंचांग के अनुसार, मकर संक्रांति पुण्य काल का समय सुबह 9बजकर 03मिनट से लेकर शाम 5बजकर 46मिनट तक रहेगा। तो वहीं, मकर संक्रांति का महापुण्यकाल 14जनवरी को सुबह 9बजकर 3मिनट से सुबह 10बजकर 4मिनट तक रहेगा।
इसके अलावा, मकर संक्रांति का ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 27 मिनट से 6 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। अमृत काल का शुभ मुहूर्त सुबह में 7 बजकर 55 मिनट से 9 बजकर 29 मिनट तक रहेगा। यानी कुल मिलाकर मकर संक्रांति के दिन स्नान-दान के लिए पूरा दिन शुभ और अति उत्तम माना जाता है।
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