
नई दिल्ली: भारत में हर लड़की/लड़के के सामने ये सवाल जरूर आता है, कि शादि कब कर रहे हो, वैसे तो दुनिया के अधिकांश देशों ने शादी के लिए कानूनी उम्र के रूप में 18 साल को स्वीकार कर लिया है। लेकिन विश्व स्तर पर शादी के लिए कानूनी उम्र 10 से 20 साल के बीच है। भारत में यूं तो 18 साल की लड़की और 21 साल के लड़के को कानूनी रूप से शादी करने का हक है, लेकिन हालिया शोध में शादी की सही उम्र 29 बताई गई है।
भारत में खासकर लड़कियों के लिए करियर और शादी का सवाल और भी अहम हो जाता है। शानदार करियर बनाने की तमन्ना हर किसी की हो सकती है, लेकिन परिवार को पारंपरिक रूप से एक महिला की ही जिम्मेदारी मानी जाती है। ऐसे में जब तक वह मानसिक और शारीरिकजानते हैं कि आखिर 29 की ही उम्र क्यों है शादी की उम्र।
यूएस की University of Utah द्वारा की गई एक स्टडी के मुताबिक, ऐसे कपल जो 28-32 की उम्र के बीच शादी कर लेते हैं, वे ज्यादा सफल शादीशुदा जिंदगी जीते हैं। इस ऐज ग्रुप के जोड़ों के बीच का डिवॉर्स रेट भी काफी कम होता है। स्टडी की मानें तो 32 की उम्र पार करने के बाद हर साल के हिसाब से तलाक होने के चांस 5% बढ़ते जाते हैं। वहीं स्टडी में 28 से कम ऐज के कपल्स के भी अलग होने का प्रतिशत ज्यादा बताया गया था।
यूएस में हुई स्टडी को ध्यान में रखा जाए और उसे इंडियन सिनेरियो से भी जोड़ा जाए, तो भी 28-32 की उम्र शादी के लिए परफेक्ट नजर आती है। इसके पीछे कई कारण हैं। ज्यादातर भारतीय अपनी मास्टर्स तक की पढ़ाई 23 की उम्र तक पूरी कर लेते हैं, जिसके बाद वे नौकरी में लग जाते हैं। लेकिन नौकरी लगते ही शादी के बंधन में बंध जाना कपल पर डबल प्रेशर डालता है, कैसे चलिए जानते हैं। शादी के बाद कई बदलाव आते हैं जीवन में उन बदलावों के लिए आप शारीरिक और मानसिक रूप तैयार हैं या नहीं, एक खुशहाल शादीशुदा जिंदगी के लिए यह बात भी मायने रखती है।
भारत ने भी हाल ही में महिलाओं की शादी की कानूनी उम्र 18 से 21 साल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। जया जेटली की अध्यक्षता में शादी के लिए महिलाओं की कानूनी उम्र की सिफारिश करने के लिए नियुक्त एक नीति आयोग टास्क फोर्स ने यह भी कहा कि पहली गर्भावस्था के समय एक महिला की उम्र कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए। विख्यात टास्क फोर्स, विवाह में देरी का परिवारों, समाज और बच्चों पर सकारात्मक वित्तीय, सामाजिक और स्वास्थ्य प्रभाव पड़ता है।
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