
India's Got Latent Case: यूट्यूब रिएलिटी शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' पर अश्लील टिप्पणी करने के आरोप में यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया, समय रैना और अन्य के खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज की गई है। राजस्थान के जयपुर स्थित 'जय राजपूताना संघ' ने रणवीर, समय, आशीष चंचलानी, अपूर्वा मखीजा और अन्य के खिलाफ बीएनएस एक्ट, आईटी एक्ट और अन्य अधिनियमों की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराई है।
सुप्रीम कोर्ट में कल हो सकती है सुनवाई
इस एफआईआर को जीरो एफआईआर के रूप में खार पुलिस स्टेशन में ट्रांसफर कर दिया गया है। यह इसलिए किया गया क्योंकि घटना स्थल खार पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आता है। खार पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। अब तक खार में कोई अन्य एफआईआर दर्ज नहीं हुई थी। पहले से ही असम पुलिस के साथ गुवाहाटी साइबर और महाराष्ट्र साइबर में इस मामले में एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।
रणवीर इलाहाबादिया की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट कल सुनवाई कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर जानकारी के अनुसार, यह मामला 18 फरवरी, 2025 को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जा सकता है।
क्या है पूरा मामला?
स्टैंडअप कॉमेडियन समय रैना के शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' में रणवीर इलाहाबादिया गेस्ट जज के रूप में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने एक प्रतिभागी से उसके माता-पिता की सेक्स लाइफ पर विवादित सवाल पूछ लिया। उन्होंने पूछा, "क्या आप अपने पेरेंट्स को पूरी जिंदगी, हर दिन इंटीमेट होते हुए देखना चाहोगे? या फिर एक बार पेरेंट्स के इंटीमेट मोमेंट में उन्हें ज्वॉइन करके फिर उसके बाद कभी भी उन्हें सेक्स करते नहीं देखना चाहोगे?"
यह क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। इसके बाद लोगों का गुस्सा फूटा। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने भी रणवीर के कमेंट पर संज्ञान लिया है और यूट्यूब को एक पत्र लिखा है। रणवीर, समय और पैनल में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ कई राज्यों में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।
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