
नई दिल्ली: भारत को त्योहारों का देश कहा जाता है,यहां समय-समय पर कोई त्योहार मनाया जाता है। इसी तरह भाई-बहन को दर्शाता एक त्योहार है रक्षा बंधन। वहीं इस साल रक्षाबंधन को 11अगस्त 2022को मनाया जाएगा। वहीं कुछ लोग 11 अगस्त, 2022 को रक्षाबंधन बता रहे हैं तो कुछ 12 अगस्त को त्योहार होने का दावा कर रहे है। इसके अलावा रक्षाबंधन के त्योहार को आज भी देश के कई राज्यों में मनाया जा रहा है,जिनमें बिहार,राजस्थान और उत्तराखंड शामिल है।
दरअसल,बनारस पंचांग के मुताबिक 11 अगस्त को भद्रा लगने के कारण 12 अगस्त को बिहार,राजस्थान और उत्तराखंड में राखी मनाई जा रही है। कई पंचांगों के अनुसार 12 तारीख को रक्षाबंधन का शुभ मुहुर्त 7: 24तक का है लेकिन वही कई पंचांगों को देखे तो 12 अगस्त को सुबह 10: 16 बजे तक राखी का बढ़ियां मुहुर्त बताया जा रहा है। इसके बाद 11:54 बजे से दोपहर 1:32बजे तक राखी का शुभ मुहुर्त बताया जा रहा है। वहीं राजस्थान में स्थित बूंदी के सेंट्रल जेल में आज सुबह करीब दो साल बाद राखी बनाई जा रही है। जहां आज सुबह से ही राखी बांधने का सिलसिला शुरू हो गया था। यहां आई बहनें जेल में बंद अपने भाइयों की कलाई पर लगातार राखी बांधती रहीं। रक्षाबंधन के पर्व को लेकर राजस्थान कारागार विभाग ने अलग से गाइडलाइंस जारी की और सिक्योरिटी के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाने दिया गया और इसको लेकर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात दिखाई दिया।
बता दें कि,रक्षाबंधन से जुड़ी यू तो कई कथाए प्रचलित है लेकिन इसका एक इतिहास दिल को छू जाने वाला है। दरअसल, राजपूत जब युद्ध करने जाया करते थे उस समय राजघराने की महिलाएं उनके माथे पर तिलक के साथ-साथ कलाई में रेशम का धागा बांधा करती थी। जिससे यह विश्वास रहता था कि राजा युद्ध में विजयी होकर बिल्कुल सही सलामत वापस आ जाएंगे। वहीं रक्षाबंधन से जुड़ी एक और कथा बेहद प्रसिद्ध है जिसमें एक बार बहादुरशाह ने मेवाड़ पर आक्रमण कर दिया था और रानी यह बात बहुत अच्छे तरह से जानती थी कि वह अकेले युद्ध करके नहीं जीत सकती है। जिसके बाद रानी ने अपनी प्रजा को बचाने के लिए मुगल बादशाह हुमायूं को एक पत्र और राखी भेज कर रक्षा की याचना की। हुमांयू एक मुसलमान था फिर भी उसने रानी कर्मावती की भेजी हुयी राखी की लाज रखी और बहादुरशाह से लड़ते हुए मेवाड़ की रक्षा की।
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