
Rain In Uttarakhand: मई महीने की शुरूआत में ही उत्तराखंड में बारिश ने कई क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई है। मौसम विभाग के अनुसार, 1 से 5 मई तक राज्य के सभी 13 जिलों में बारिश हुई, जिसमें 4 मई को चरम स्थिति देखी गई। पेड़ गिरने, पहाड़ों से पत्थर खिसकने और भूस्खलन के कारण कई सड़कें, जैसे यमुनोत्री पैदल मार्ग, बाधित हो गए। पानी के तेज बहाव में लोग फंस गए, विशेष रूप से चमोली में गैरसैंण-कर्णप्रयाग NH 109 का हिस्सा बह गया। साथ ही वहां काफी ज्यादा यात्री फंस गए।
मसूरी और कैम्पटी फॉल जैसे क्षेत्रों में भारी बारिश ने जलप्रपातों को विकराल बना दिया, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को खतरा बढ़ गया। मौसम विभाग ने चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग जैसे जिलों के लिए 30 अप्रैल से 7 मई तक भारी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया था, जिसने चारधाम यात्रा को भी प्रभावित किया। आपदा प्रबंधन के लिए प्रशासन ने जेसीबी और पोकलैंड मशीनें तैनात की हैं, और सेना व SDRF बचाव कार्यों में जुटी है। हालांकि, पिछले वर्षों की तरह, कुछ क्षेत्रों में बचाव कार्यों में देरी की शिकायतें हैं, जिससे स्थानीय लोग चिंतित हैं।
जनजीवन हुआ अस्त-व्यस्त
ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर शिवपुरी के पास बारिश से पहाड़ी का बड़ा हिस्सा नीचे गिर गया, जिससे मार्ग बाधित हो गया। इसका वीडियो भी सामने आया है, जिसमें सड़कों पर मलबा जमा देखा गया और वाहनों के आवाजाही में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
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