
LPG Cylinder Crisis: मिडिल ईस्ट की जंग में पूरी दुनिया को प्रभावित कर दिया है। खासकर ईंधन के मामले में वैश्विक स्तर पर भूचाल आया हुआ है। भारत में भी एलपीजी संकट गहराया हुआ है। एक तरफ जहां होटल और सेस्त्रां के मालिक एलपीजी की कमी के कारण कीमते बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं।
वहीं, सरकार एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बड़े कदम उठा रही है। मंगलवार को सरकार ने ECA एक्ट लागू कर दिया है। जिसके तहत रोजमर्र की जरूरतों को पूरा करना सुनिश्चित किया जाना है। हालांकि ये भी कहा जा रहा है भारत में ईंधन समस्या ज्यादा दिन नहीं रहेगी।
स्थिति जल्द सुधरने की आशंका
एक रिपोर्ट के मुताबिक ईंधन समस्या थोड़े समय की है। अब ज्यादा हुई कीमतों के चलते नॉर्व और अमेरिका से मांगना सस्ता पड़ने वाला है। हालांकि, ऐसी खेप भारत में पहुंचने में समय लग सकता है। एक अधिकारी का कहना है कि एलएनजी के मामले में तत्काल बदलाव करना मुश्किल है। कतर के अलावा हमारे दूसरे विकल्प नॉर्वे और अमेरिका से आने वाली गैस है। इसे भारत पहुंचने में वक्त लगेगा। उन्होंने कहा कि 6 से 8 डॉलर प्रति के दर पर कतर से गैस ले रहे हैं लेकिन, अब यब बढ़तक 15 डॉलर पर पहुंच गया है।
सरकार ने क्या कदम उठाए
एक अधिकारी ने कहा कि एलपीजी आउटपुट को 10 फीसदी बढ़ा दिया गया है। उद्योगो की तुलना में घरों में एलपीजी की पहुंचे सुनिश्चित की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, दूसरे अधिकारी का कहना है कि सरकार की प्राथमिकता उद्योगों को प्रभावित किए बगैर घरों तक एलपीजी की आपूर्ति करनी है। बता दें कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं और परिवहन क्षेत्र के लिए बगैर रोक-टोक आपूर्ति करना है। इसके तहत एलपीजी उत्पादन, सीएनजी और पाइप से मिलने वाली रसोई गैस को सभी क्षेत्रों में प्राथमिकता दी जाएगी।
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