10 महीने के निचले स्तर पर पहुंची उत्पादन वृद्धि दर, सरकार ने जारी किए आंकड़े

10 महीने के निचले स्तर पर पहुंची उत्पादन वृद्धि दर, सरकार ने जारी किए आंकड़े

IIP Number Released: खनन और बिजली क्षेत्रों के खराब प्रदर्शन के कारण भारत की औद्योगिक उत्पादन वृद्धि जून 2025 में 1.5 फीसदी के साथ 10 महीने के निचले स्तर पर आ गई। सरकार ने सोमवार को इससे जुड़े आधिकारिक आंकड़े बताए हैं। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के संदर्भ में मापा गया कारखाना उत्पादन जून 2024 में 4.9 फीसदी बढ़ा था। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने भी मई माह के लिए औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर के अनुमान को संशोधित कर 1.9 फीसदी कर दिया है।

आईसीआरए की मुख्य अर्थशास्त्री व अनुसंधान व आउटरीच प्रमुख अदिति नायर ने एक बयान में कहा कि जून 2025 के उत्तरार्ध में अत्यधिक बारिश से खनन उत्पादन पर असर पड़ने की संभावना है, साथ ही बिजली उत्पादन में भी कमी आने वाली है।, हालांकि पिछले महीने की तुलना में इसकी सीमा कम हुई है। एनएसओ के आंकड़ों से पता चला है कि विनिर्माण क्षेत्र की उत्पादन वृद्धि जून 2025 में मामूली रूप से बढ़कर 3.9 फीसदी हो गई, जो एक साल पहले इसी महीने में 3.5 प्रतिशत थी।

बिजली उत्पादन में आई कमी

जून 2025 में बिजली उत्पादन में 2.6 फीसदी की गिरावट आई, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में 8.6 फीसदी गिरी थी। वित्त वर्ष 2025 की अप्रैल-जून तिमाही के दौरान औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर एक साल पहले के 5.4 फीसदी से घटकर 2प्रतिशत रह गई, जो पिछली 11 तिमाहियों में सबसे निचला स्तर है। नायर ने कहा कि तिमाही के संदर्भ में, आईआईपी वृद्धि वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में 2.0 फीसदी के साथ 11 तिमाहियों के निचले स्तर पर आ गई, जो वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में 4.0%थी, तिमाही के कुछ हिस्सों में अत्यधिक बारिश के कारण बिजली उत्पादन और खनन उत्पादन में कमी आई।

विनिर्माण क्षेत्र में वृद्धि

विनिर्माण क्षेत्र में, 23 उद्योग समूहों में से 15 ने जून 2025 में सालाना आधार पर अच्छी वृद्धि दर्ज की है। उपयोग-आधारित वर्गीकरण के मुताबिक, पूंजीगत वस्तुओं के सेगमेंट में वृद्धि जून 2025 में घटकर 3.5 फीसदी रह गई, जो एक वर्ष पूर्व इसी अवधि में 3.6 फीसदी थी। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं की वृद्धि दर समीक्षाधीन माह के दौरान धीमी होकर 2.9 फीसदी रही।

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