
Kulwant Singh : गुरूवार को जम्मू कश्मीर के पुंछ जिले में हुए आतंकी हमले में देश ने 5बहादुर जवानों को खो दिया था। इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी जैश -ए -मोहम्मद से जुड़े आतंकी संगठन 'PAFF' ने ली है। सेना की ओर से जारी एक बयान के अनुसार आतंकियों ने राशन और ईंधन ले कर जा रहे सेना के वाहन को निशाना बनाया था। इस आतंकी हमले की जांच NIA की पांच सदस्यीय टीम करेगी। इस आतंकी हमले में वीरगति को प्राप्त हुए कुलवंत सिंह की कहानी आपकी आँखों को नाम कर देगी।
पिता कारगिल में हुए थे शहीद
आतंकी हमले में शहीद हुए कुलवंत सिंह मोगा के चड़िक गांव के रहने वाले थे, जानकारी के अनुसार कुलवंत सिंह के पिता भी सेना में ही थे और वे कारगिल में शहीद हो गए थे। कुलवंत सिंह जब डेढ़ साल के थे तब उनके पिता बलदेव सिंह कारगिल में शहीद हो गए थे। कुलवंत सिंह को उनके पिता बलदेव सिंह की ही नौकरी मिली थी।
1 महीने पहले ही आए थे घर
बता दें कि शहीद कुलवंत सिंह की एक बेटी है जिसकी उम्र लगभग डेढ़ वर्ष है, वहीं एक तीन महीने का बेटा भी है। कुलवंत के परिवार ने बताया कि कुलवंत एक महीने पहले ही घर आए थे। जब से शहीद कुलवंत सिंह के परिवार ने उनके शहीद होने की खबर सुनी है तब से परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है। शहीद कुलवंत सिंह की पत्नी रट हुए बस एक ही बात कह रही हैं 'कुलवंत वापस आ जाए, उनको कुछ नहीं चाहिए।' वहीं कुलवंत सिंह के भाई का कहना है कि जिस तरह उनके भाई पर हमला कर उन्हें शहीद कर दिया गया, उसी तरह आतंकियों को भी मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए।
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