PM Modi Calls Cabinet Meeting: केंद्र सरकार के विभिन्न क्षेत्रों में कामकाज और परफॉर्मेंस की समीक्षा को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार शाम एक अहम बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में खास तौर पर सामाजिक न्याय और सामाजिक कल्याण से जुड़े क्षेत्रों पर फोकस रहेगा। इस दौरान संबंधित मंत्रालयों के कामकाज के साथ-साथ मंत्रियों के समग्र प्रदर्शन का भी आकलन किया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, इस समीक्षा बैठक में सभी राज्यमंत्रियों को नहीं बुलाया गया है। सामाजिक न्याय और सामाजिक कल्याण से जुड़े मंत्रालयों का जिम्मा संभाल रहे राज्यमंत्रियों (MoS) और स्वतंत्र प्रभार वाले राज्यमंत्रियों के एक वर्ग को बैठक के लिए आमंत्रित किया गया है।
इन मंत्रालयों के कामकाज की होगी समीक्षा
बैठक में शिक्षा मंत्रालय, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और कृषि मंत्रालय समेत अन्य संबंधित मंत्रालयों के कामकाज की समीक्षा की जाएगी। मंत्रालयों की प्रगति, योजनाओं के क्रियान्वयन और निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में हुई प्रगति पर चर्चा हो सकती है। इसके साथ ही मंत्रियों की जवाबदेही और परफॉर्मेंस भी समीक्षा के दायरे में रहेगी। सरकार की प्राथमिकताओं के मुताबिक मंत्रालयों के कामकाज और उनके परिणामों का आकलन किया जाएगा।
आने वाले दिनों में होंगी और समीक्षा बैठकें
राज्यमंत्रियों के दूसरे समूहों के साथ भी आने वाले दिनों में इसी तरह की समीक्षा बैठकें आयोजित की जा सकती हैं। इन बैठकों को मंत्रियों के प्रदर्शन से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इन समीक्षा बैठकों में सामने आने वाली रिपोर्ट और मंत्रियों के कामकाज का आकलन भविष्य में होने वाले कैबिनेट फेरबदल या विस्तार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। केंद्र सरकार में कैबिनेट विस्तार और फेरबदल के दौरान मंत्रियों के प्रदर्शन को ध्यान में रखने की परंपरा पहले से रही है।
प्रधानमंत्री ने लगातार समीक्षा पर दिया था जोर
इस बीच,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में सरकारी योजनाओं और कामकाज की लगातार समीक्षा की जरूरत पर जोर दिया था। सितंबर में जल शक्ति मंत्रालय के दो दिवसीय राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन के समापन सत्र की अध्यक्षता करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा था कि सम्मेलन में सामने आए सुझावों को तय समयसीमा के भीतर लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि इन कार्यों की लगातार समीक्षा जरूरी है, ताकि आवश्यकता के अनुसार सुधार किए जा सकें।
प्रधानमंत्री ने तेजी से बढ़ती शहरी आबादी और भविष्य में पानी की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए स्थानीय निकायों को पहले से तैयार रहने की जरूरत बताई थी। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में पानी की मांग को ध्यान में रखते हुए बेहतर योजना बनाने और जल संरक्षण वाली तकनीकों को अधिक से अधिक अपनाने पर जोर दिया था।
उन्होंने भारतीय निर्माताओं और संबंधित हितधारकों को बेहतर और प्रभावी समाधान विकसित करने तथा उन्हें बड़े पैमाने पर लागू करने में मदद करने के लिए विशेष प्रदर्शनियों और वर्कशॉप आयोजित करने का सुझाव भी दिया था। इन आयोजनों के जरिए दुनिया भर में अपनाई जा रही बेहतर तकनीकों और तौर-तरीकों की जानकारी साझा करने पर भी जोर दिया गया था।
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