Petrol-Diesel Price: पांच राज्यों में जारी चुनाव के खत्म होते ही आम लोगों को बड़ा झटका लग सकता है। 29 अप्रैल को वोटिंग खत्म होने के बाद पेट्रोल-डीजल के दाम में इजाफा हो सकता है। कोटक इंस्टीट्यूशनल अक्विटीज ने कहा है कि पेट्रोल-डीजल की कीमत में 25 से 28 रुपए की बढ़ोतरी हो सकती है।
बता दें कि मिडिल ईस्ट में हुए युद्ध के बीच क्रूड ऑयल की कीमतों में भारी उछाल आया है। जिसका बोझ फिलहाल भारत की तेल कंपनियां उठा रही हैं।
क्यों बढ़ सकते हैं दाम
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने के बाद पूरी दुनिया की तेल सप्लाई पर असर हुआ है। इस वजह से क्रूड ऑयल की कीमतें तेजी से बढ़ी। 27 फरवरी को 72 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा, अब 103 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। हालांकि, भारत में आम ग्राहकों के लिए तेल की कीमतों में इजाफा नहीं किया गया। इसके चलते जिस दाम पर तेल कंपनियां तेल खरीद रही है और जिस दाम पर तेल खरीद रहे हैं, दोनों के बीच बड़ा अंतर है। बताया जा रहा है कि कीमतों के अतंर होने से तेल कंपनियों को एक महीने में 27 हजार करोड़ का नुकसान हुआ है।
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आपकी जेब पर कितना होगा असर
पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। इसका डायरेक्ट और इनडायरेक्ट दोनों प्रभाव होगा। अगर पेट्रोल-डीजल के दाम भी 25 रुपए बढ़ते हैं तो इसका मतलब होगा कि एक सामान्य बाइक 15 लीटर की टंकी फुल करने के लिए 375 रुपए ज्यादा देने होंगे। वहीं, स्कूटी की 4 से 5 लीटर की टंकी फुल करने के लिए 100 रुपए एक्स्ट्रा देने होंगे। इसके अलावा, तेल की कीमत बढ़ने ही ट्रांसपोर्ट महंगा हो जाएगा। ऑटो, बस, कैब सभी का किराया बढ़ेगा।