Haryana News: हरियाणा सरकार ने किडनी मरीजों के लिए बड़ा कदम उठाते हुए राज्य के दो नए मेडिकल कॉलेजों में निःशुल्क डायलिसिस सेवाओं के विस्तार को मंजूरी दे दी है। यह फैसला बजट घोषणाओं को तेजी से लागू करने और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। सरकार ने महर्षि च्यवन सरकारी मेडिकल कॉलेज कोरियावास, नारनौल और श्री अटल बिहारी वाजपेयी सरकारी मेडिकल कॉलेज छायंसा, फरीदाबाद में डायलिसिस सेवाएं शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इन केंद्रों में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत अगले दो सप्ताह में सेवाएं शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
क्या है सरकार का उद्देश्य
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि सरकार का उद्देश्य है कि किडनी रोगियों को समय पर और बिना किसी परेशानी के इलाज मिल सके। उन्होंने संबंधित संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि सभी जरूरी तैयारियां जल्द पूरी की जाएं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 18 अक्टूबर 2024 से शुरू हुई मुफ्त डायलिसिस योजना के तहत अब तक राज्य के 22 संस्थानों में 2.60 लाख से अधिक डायलिसिस सत्र किए जा चुके हैं। इस पर सरकार ने 57 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं। इस योजना से हजारों मरीजों को आर्थिक राहत मिली है, क्योंकि डायलिसिस इलाज काफी महंगा और नियमित प्रक्रिया होती है।
18 नए डायलिसिस केंद्र खोलने का प्रावधान
ये विस्तार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा 2 मार्च 2026 को प्रस्तुत बजट घोषणा के अनुरूप किया जा रहा है। बजट में सरकारी मेडिकल कॉलेजों और उपमंडलीय अस्पतालों में 18 नए डायलिसिस केंद्र खोलने का प्रावधान किया गया था। फिलहाल राज्य के कई प्रमुख संस्थानों जैसे रोहतक, नल्हर, सोनीपत और करनाल में पहले से ही PPP मॉडल के तहत डायलिसिस सेवाएं सफलतापूर्वक चल रही हैं। इन केंद्रों में मरीजों को बेहतर और विश्वसनीय इलाज मिल रहा है। सरकार का कहना है कि इस विस्तार से ग्रामीण और छोटे शहरों के मरीजों को सबसे अधिक फायदा होगा। अब उन्हें लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी और इलाज समय पर मिल सकेगा। इससे न सिर्फ मरीजों का शारीरिक तनाव कम होगा, बल्कि आर्थिक बोझ भी घटेगा।
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