
नई दिल्ली: संसद के शीतकालानी सत्र से पहले पीएम मोदी ने संसद परिसर से देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज से लोकसभा शीतकालीन सत्र है और माहौल भी शीत रहेगा, संसद का ये सत्र काफी विशेष है। ''2024 का आखिरी चरण चल रहा है और देश 2025 की तैयारी कर रहा है। संसद का यह सत्र कई मायनों में खास है और सबसे महत्वपूर्ण बात संविधान के 75वें वर्ष की शुरुआत है। कल संविधान सदन में सभी लोग हमारे संविधान के 75वें वर्ष का जश्न मनाएं।
पीएम मोदी ने कहा कि हमारे संविधान की महत्वपूर्ण इकाई हैं - संसद और हमारे सांसद। पार्लियामेंट में स्वस्थ चर्चा हो, ज्यादा से ज्यादा लोग चर्चा में अपना योगदान दें।दुर्भाग्य से कुछ लोगअपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए संसद को भी मुट्ठीभर लोगों की हुड़दंगबाजी से संसद को कंट्रोल करने का लगातार प्रयास कर रहे हैं। उनका अपना मकसद तो सफल नहीं होता, लेकिन देश की जनता उनके सारे व्यवहार देखती है और जब समय आता है तो उन्हें सजा भी देती है। लेकिन दुख की बात है कि नए सांसदों के अधिकारों को कुछ लोग दबोच देते हैं।
जनता को उन्हें बार-बार नकारना पड़ रहा है- पीएम मोदी
PM मोदी ने कहा, "पुरानी पीढ़ी का काम है आने वाली पीढ़ियों को तैयार करें। लेकिन 80-90 बार जिनको जनता ने नकार दिया है वे न संसद में चर्चा होने देते हैं न लोकतंत्र की भावना का सम्मान करते हैं। न वो लोगों के प्रति अपना दायित्व समझ पाते हैं। वे जनता की उम्मीदों पर कभी भी खरे नहीं उतरते। जनता को उन्हें बार-बार नकारना पड़ रहा है।"
शीतकालीन सत्र से पहले बोले ओम बिरला
इससे पहले लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि संसद का शीतकालीन सत्र आज से प्रारंभ हो रहा है। मुझे विश्वास है कि सत्र के दौरान सभी माननीय सदस्यों के सकारात्मक संवाद और सहयोग के माध्यम से जनहित के विषय प्रतिबिंबित होंगे। इससे न केवल सदन की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी हमारे योगदान का मार्ग प्रशस्त होगा। मैं आशान्वित हूं कि सभी माननीय सदस्य संसदीय प्रक्रियाओं का सदुपयोग करते हुए सदन में प्रभावी कार्यक्रम सुनिश्चित करेंगे।
Leave a comment