NEET पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। इस बीच सरकार के शीर्ष सूत्रों ने साफ कर दिया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की कोई संभावना नहीं है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस्तीफा देना समस्या का समाधान नहीं है। सरकार का कहना है कि जनता ने उसे जनादेश दिया है और वह अपनी जिम्मेदारी निभाएगी। सूत्रों ने बताया कि सरकार नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में मौजूद कमियों की पहचान कर रही है और जल्द ही सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही पेपर लीक में शामिल कई गिरोहों का भंडाफोड़ किया जा चुका है और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
कोई समझौता नहीं होगा-CJP
उधर, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने साफ कहा है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कम कोई समझौता नहीं होगा। पार्टी ने सरकार से 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई के लिए सार्वजनिक माफी मांगने और पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की भी मांग की है।
CJP के साथ जेपी नड्डा की बैठक
शुक्रवार को CJP के प्रतिनिधियों ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ करीब दो घंटे तक बैठक की। बैठक में सरकार ने CJP की मांगें सुनीं और कहा कि इन पर विचार कर जवाब दिया जाएगा। दोनों पक्षों के बीच अगली बैठक शनिवार को होगी। इससे पहले सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आश्वासन के बाद अपना अनशन समाप्त कर चुके हैं। हालांकि, इसके बावजूद जंतर-मंतर पर हजारों प्रदर्शनकारी अब भी डटे हुए हैं और आंदोलन जारी है।
सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी
प्रदर्शन के कारण दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) ने नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन को अगले आदेश तक बंद कर दिया है। इसके साथ ही मध्य दिल्ली के कुल 18 मेट्रो स्टेशन प्रभावित हो गए हैं। नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन येलो लाइन और एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन का प्रमुख इंटरचेंज स्टेशन है। इसके बंद होने से रोजाना यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
टैक्सी का किराए बढ़ने की भी आशंका
सोशल मीडिया पर भी लोगों ने मेट्रो स्टेशनों के बार-बार बंद होने पर नाराजगी जताई है। कई यात्रियों का कहना है कि दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों और आम लोगों को रोजाना मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं कुछ लोगों ने टैक्सी किराए बढ़ने की भी आशंका जताई है। अब सबकी नजर सरकार और CJP के बीच होने वाली अगली बैठक पर टिकी है, जिससे आंदोलन की आगे की दिशा तय हो सकती है।
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