
Pakistan Failed Weapons: DGMO की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन सभी हथियारों के बारे में बताया गया, जिनका इस्तमाल कर पाकिस्तान की तरफ से भारत पर हमला किया गया था। सबसे बड़ी बात तो यह है कि पाकिस्तान के एक भी हथियार भारतीय सेना को रती भर भी नुकसान नहीं पहुंचा पाया और उन्हें भारत में मार गिराया गया। यहां तक की पाकिस्तान ने पीएल-15 मिसाइल से लेकर तुर्किये के बायकर यीहा-III कामिकाजे ड्रोन्स तक का मलबा दिखाया।
चीन-तुर्की हथियारों की विफलता के कारण
पाकिस्तान की हार के पीछे कई कारण रहें हैं। पहला, चीन और तुर्की के हथियार युद्ध के मैदान में ना टीक पाना। उदाहरण के लिए, चीनी HQ-9 एयर डिफेंस सिस्टम और JF-17 जेट्स भारत के ताकतवर मिसाइलों और रडार सिस्टम के सामने टिक नहीं पाया। खबरों के अनुसारभी दावा किया गया कि चीनी रडार और मिसाइलें सही समय पर काम नहीं कर पाईं। और दूसरी तरफ जानकारों का मानना है कि पाकिस्तान ने जल्दबाजी में हमला किया, जिसके लिए उसकी सेना तैयार नहीं थी। तीसरा, भारत की तकनीक और ताकतवर सेना ने हर हमले को नाकाम कर दिया।
किन-किन हथियारों से पाकिस्तान ने भारत पर किया था हमला?
1. चीन की पीएल-15 मिसाइल
2. तुर्किये के बायकर यीहा-III कामिकाजे ड्रोन्स
3. चीन का एचक्यू-9 एयर डिफेंस सिस्टम
4. चीन का जे-10सी लड़ाकू विमान
5. चीन की एसएच-15 तोपें
6. फतह रॉकेट लॉन्चर सिस्टम
जानकारों का क्या है कहना?
जानकारों का कहना है कि पाकिस्तान ने भारत पर वार करने के लिए फतह-1 मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम का भी इस्तेमाल किया था। यह पाकिस्तान के बनाए रॉकेट लॉन्चर्स हैं, जो कि अलग-अलग क्षमता और रेंज वाले रॉकेट लॉन्च करते हैं। पाकिस्तान की यह नापाक कोशिश भारत की सैन्य ताकत और रणनीतिक जीत का प्रमाण है। यह घटना न केवल पाकिस्तान के लिए सबक है, बल्कि चीन और तुर्की के हथियारों की ताकतों पर भी सवाल खड़ा करती है। भारत ने साफ कर दिया कि वह किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह से हर वक्त तैयार है।
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