UN में भारत ने पाकिस्तान को जमकर लताड़ा, ख्वाजा आसिफ के कबूलनामे को बनाया सबूत

UN में भारत ने पाकिस्तान को जमकर लताड़ा, ख्वाजा आसिफ के कबूलनामे को बनाया सबूत

Pahalgam Terror Attackजम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान की नीतियों और आतंकवाद को सपोर्ट करने को लेकर सवालों के घेरे में आ गया हैं। भारत ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की पोल खोल दी। भारत ने पाकिस्तान रक्षा मंत्री के बयान पर पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र के मंच पर घेरा।  

योजना पटेल ने कहा कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक इंटरव्यू के दौरान आतंकवाद का समर्थन करने और उसकी फंडिंग करने की बात स्वीकार की है। पूरी दुनिया ने देखा कि किस तरह आसिफ ने आतंकवादी संगठनों का समर्थन करने, उन्हें प्रशिक्षण देने और फंडिंग देने की बात स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि ख्वाजा आसिफ के इस कुबूलनामे पर किसी को भी आश्चर्य नहीं हुआ क्योंकि पाकिस्तान वैश्विक आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला और क्षेत्र को अस्थिर करने वाला एक दुष्ट राष्ट्र है। दुनिया अब इस खतरे से और आंखें नहीं मूंद सकता है।

स्पष्ट समर्थन और एकजुटता की गहराई से सराहना करता है भारत

संयुक्त राष्ट्र में भारत की उप-स्थायी प्रतिनिधि राजदूत योजना पटेल ने कहा, "पहलगाम आतंकवादी हमला 2008 में हुए 26/11 के भयावह मुंबई हमलों के बाद से नागरिक हताहतों की सबसे बड़ी संख्या को दर्शाता है। दशकों से सीमा पार आतंकवाद का शिकार होने के कारण, भारत इस तरह के कृत्यों के पीड़ितों, उनके परिवारों और समाज पर पड़ने वाले दीर्घकालिक प्रभाव को पूरी तरह समझता है। उन्होंने कहा कि भारत जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकवादी हमले के बाद दुनिया भर के नेताओं और सरकारों द्वारा दिए गए स्पष्ट समर्थन और एकजुटता की गहराई से सराहना करता है और इसकी कद्र करता है। यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय की आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता का प्रमाण है।

हमारे सामूहिक प्रयासों के केंद्र में रहें- योजना पटेल

राजदूत योजना पटेल ने कहा कि हम दोहराते हैं कि आतंकवाद के सभी रूपों की स्पष्ट रूप से निंदा की जानी चाहिए। आतंकवाद के पीड़ितों के संघ (VoTAN) की स्थापना एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पीड़ितों की बात सुनने और उन्हें समर्थन देने के लिए एक संरचित, सुरक्षित स्थान बनाएगा। भारत का मानना है कि आतंकवाद के प्रति वैश्विक प्रतिक्रिया को मजबूत करने के लिए VoTAN जैसी पहल आवश्यक हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि पीड़ित हमारे सामूहिक प्रयासों के केंद्र में रहें।

Leave a comment