Stock Market Crash: सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। लगातार चौथे सत्र में बाजार लाल निशान पर बंद हुआ। हालांकि, कारोबार के दौरान दिन के हाई से सेंसेक्स 1250 अंक तक गिर गया था, लेकिन बंद होते-होते बाजार ने शानदार रिकवरी दिखाई। इसके बावजूद निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों के मार्केट कैपिटलाइजेशन में बड़ी गिरावट आई है।
बीएसई सेंसेक्स भारी गिरावट के बाद रिकवर करते हुए 125.56 अंक गिरकर 73,123.83 पर बंद
गुरुवार को बीएसई का मार्केट कैप 458 लाख करोड़ रुपये था, जो शुक्रवार को करीब 7 लाख करोड़ रुपये घटकर 451 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। यानी एक ही दिन में निवेशकों की जेब से 7 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए।स्मॉलकैप-मिडकैप में भारी बिकवालीबाजार में इस बड़ी गिरावट की सबसे बड़ी वजह स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में भारी बिकवाली रही। बड़े शेयरों यानी लार्जकैप की तुलना में छोटी कंपनियों के शेयरों में जमकर बिकवाली देखी गई, जिससे निवेशकों में घबराहट फैल गई।कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स भारी गिरावट के बाद रिकवर करते हुए 125.56 अंक गिरकर 73,123.83 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 50 इंडेक्स 87.65 अंक की गिरावट के साथ 22,600 पर बंद हुआ।क्यों गिरा बाजार?एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बाजार में गिरावट की कई वजहें हैं।
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वैल्यूएशन को लेकर चिंता-
वैल्यूएशन को लेकर चिंता, लेवरेज पोजीशन का खत्म होना, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और कमजोर ग्लोबल संकेतों ने बाजार पर दबाव बनाया है।ब्रेंट क्रूड 1 प्रतिशत बढ़कर 114 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है, जिससे भारत जैसी तेल आयात करने वाली अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा है। इसके अलावा मिडिल ईस्ट में तनाव और अमेरिका में बॉन्ड यील्ड बढ़ने से भी विदेशी निवेशक बिकवाली कर रहे हैं।इंडिया VIX में भी बढ़ोतरी देखी गई है, जो बताता है कि आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।आगे क्या करें निवेशक?बाजार के जानकारों का कहना है कि अभी निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। जिन कंपनियों की अर्निंग्स अच्छी हैं और वैल्यूएशन ठीक है, वहीं पैसा लगाने में समझदारी है। फिलहाल बाजार में स्टॉक-स्पेसिफिक एक्शन देखने को मिल सकता है।