चुनाव आयोग का जवाब
चुनाव आयोग ने राहुल के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि महाराष्ट्र की मतदाता सूची जनप्रतिनिधित्व अधिनियम1950 और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम 1960 के तहत तैयार की गई थी। आयोग ने बताया कि 9,77,90,752 मतदाताओं वाली फाइनल वोटर लिस्ट सभी राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई गई थी और इस पर केवल 89 अपीलें जिलाधिकारी के पास और एक अपील मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास दर्ज हुई थी।
आयोग ने मतदान के आंकड़ों पर भी स्थिति स्पष्ट की। उनके अनुसार सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक 6,40,87,588 मतदाताओं ने वोट डाले यानी प्रति घंटे औसतन 58 लाख वोट। कांग्रेस द्वारा अंतिम दो घंटों में 65 लाख वोटों की बात को आयोग ने गलत ठहराया। क्योंकि यह औसत से कम है। आयोग ने अपने जवाब को 24 दिसंबर 2024 को कांग्रेस को भेजा था। जो उनकी वेबसाइट पर उपलब्ध है।
BJP का पलटवार
बीजेपी ने राहुल के आरोपों को दुःख का परिणाम बताया। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि राहुल बिहार चुनाव में संभावित हार से डरकर ऐसे बयान दे रहे हैं। महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि 2009 में भी मतदाता सूची में वृद्धि हुई थी। तब कांग्रेस ने सवाल नहीं उठाए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी राहुल पर तंज कसते हुए कहा कि वह अपनी हार को स्वीकार नहीं कर पा रहे।
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