वैज्ञानिकों को मिला दुनिया का सबसे पुराना दिल, जानें इससे जुड़ी अहम बातें

वैज्ञानिकों को मिला दुनिया का सबसे पुराना दिल, जानें इससे जुड़ी अहम बातें

नई दिल्ली: ये दुनिया कितनी विचित्र है इस बात का पता तब लगता है जब आप प्रकृति द्वारा बनाए गए अजीबोगरीब जीवों के बारे में पता करते है। धरती पर कई ऐसे जीव है जिनके बारे में इंसानों को पूरी तरह से जानकारी ही नहीं और कई ऐसे है जिनसे जुड़े फैक्ट्स जानकर हर कोई दंग हो जाता है। वहीं वैज्ञानिकों को हल ही में सबसे पूराना दिल खोज निकाला है,ये दिल एक रीढ़ की हड्डी वाले जीव का है। जब वैज्ञानिकों ने इसकी 3Dस्कैनिंग की तो दिल के अंदर के अंगों की तो दिल के अंदर के अंगों की स्थिति को देख हैरान रह गए। अब यह दिल काम नहीं करता लेकिन इसका हर हिस्सा एक-दूसरे से जुड़ा हुआ था।

बता दें कि इस दिल को वैज्ञानिकों ने आर्थोडायर हार्ट नाम दिया है। यह करीब 380 मिलियन साल यानी 38 करोड़ साल पुराना है। यह आर्मर्ड फिश यानी मजबूत कवच जैसी खाल वाली मछली का दिल है। किसी समय इस दिल में खून बहता रहा होगा लेकिन अब इसके अंदर सिर्फ खनिज भरे पड़े है। इतने सालों में इतना खनिज जमा होना तो बनता है। वैज्ञानिक इस बात से भी हैरान हैं कि इसके नरम ऊतक (Soft Tissues) आज भी सुरक्षित है। जिसकी वजह से वो इसका थ्रीडी स्कैनिंग कर पाए। ऊतकों का अध्ययन कर पाए।

वहीं प्राचीन मछली का यह दिल 5 आकार का अंग था। जिसमें दो चेंबर थे। छोटा चेंबर बड़े चेंबर के ऊपर फिक्स था। पुरातत्वविज्ञानियों (Palaeontologist) के अनुमान से यह ज्यादा आधुनिक दिल था। इसलिए अब उम्मीद जताई जा रही है कि इस दिल की स्टडी करने से इतने पुराने जीवों के बारे में ज्यादा गहरी जानकारियां मिलेंगी। इससे गर्दन और सिर की उत्पत्ति का राज भी खुलेगा। साथ ही जबड़ों के विकास का भी. ऑस्ट्रेलिया के कर्टिन यूनिवर्सिटी की पुरातत्वविज्ञानी केट ट्रिनाजास्टिक ने ने कहा कि मैं 20 सालों से ऐसे जीवाश्मों का अध्ययन कर रही हूं। लेकिन मुझे आजतक ऐसी नायाब चीज नहीं मिली।

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