ईरान के बाद तेल सप्लाई का नया रास्ता! नेतन्याहू ने इजरायल से पाइपलाइन का रखा प्रस्ताव

ईरान के बाद तेल सप्लाई का नया रास्ता! नेतन्याहू ने इजरायल से पाइपलाइन का रखा प्रस्ताव

Iran Israel War: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच बेंजामिन नेतन्याहू ने दुनिया के सामने एक नया प्लान रखा है। उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में तेल और गैस की सप्लाई इजरायल के रास्ते से होनी चाहिए, ताकि खाड़ी क्षेत्र के जोखिम कम किए जा सकें। नेतन्याहू ने कहा कि अरब प्रायद्वीप से इजरायल तक और वहां से भूमध्य सागर के बंदरगाहों तक पाइप लाइन बिछाई जा सकती है। इससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे अहम समुद्री रास्तों पर निर्भरता कम हो जाएगी, जहां अक्सर युद्ध और तनाव के कारण सप्लाई बाधित होती है।

नया ग्लोबल सप्लाई चेन

नेतन्याहू ने ये भी बताया कि इस योजना से एक नया ग्लोबल सप्लाई चेन तैयार हो सकता है, जो तेल और गैस के परिवहन को ज्यादा सुरक्षित और स्थिर बनाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि इस प्रोजेक्ट पर काम युद्ध खत्म होने के बाद ही शुरू किया जा सकता है। ये बयान ऐसे समय में आया है जब इजरायल ने ईरान के प्रमुख गैस क्षेत्र पर हमला किया है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। इस हमले के बाद तेल और गैस की कीमतों में भारी उछाल देखा गया। ब्रेंट क्रूड ऑयल 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जिससे दुनिया भर में चिंता बढ़ गई है।

ईरान की परमाणु क्षमता कमजोर- नेतन्याहू

नेतन्याहू ने हमले को लेकर कहा कि इसमें इजरायल अकेला शामिल था। वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने ऐसे हमलों को लेकर चिंता जताई है, क्योंकि इससे ईंधन की कीमतों पर असर पड़ता है और वैश्विक बाजार अस्थिर होता है। इजरायली प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि ईरान की परमाणु और मिसाइल क्षमता काफी कमजोर हो चुकी है, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख ने इस दावे से अलग राय दी है और कहा है कि ईरान की परमाणु क्षमता अभी भी काफी हद तक बरकरार है।

जमीनी कार्रवाई भी हो सकती है- नेतन्याहू 

नेतन्याहू ने संकेत दिया कि अगर हालात बिगड़ते हैं तो जमीनी कार्रवाई भी हो सकती है, लेकिन इस पर अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। कुल मिलाकर, इस नए पाइपलाइन प्रस्ताव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार और राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अगर ये योजना लागू होती है, तो ये दुनिया के तेल-गैस व्यापार के नक्शे को बदल सकती है।

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