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NEET UG 2026: छोटे शहरों और गांवों के छात्रों ने किया कमाल, ऑल इंडिया रैंक 9 लाकर गौरव बने मिसाल

NEET UG 2026: छोटे शहरों और गांवों के छात्रों ने किया कमाल, ऑल इंडिया रैंक 9 लाकर गौरव बने मिसाल

NEET UG 2026: राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 के परिणामों में इस बार छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान समेत कई राज्यों के गांवों और कस्बों के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन रैंक हासिल कर यह साबित कर दिया कि सफलता केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण छात्रों की इस सफलता के पीछे सिर्फ कोचिंग नहीं, बल्कि नियमित पढ़ाई, अनुशासन, टेस्ट सीरीज, डिजिटल शिक्षा और परिवार का सहयोग सबसे बड़ी वजह है। सीमित संसाधनों के बावजूद इन छात्रों ने मेहनत और सही मार्गदर्शन के दम पर बड़ी सफलता हासिल की है।

गौरव ने किया जिले नाम रोशन

इस सफलता की सबसे प्रेरणादायक कहानी राजस्थान के अलवर जिले के छोटे से गांव गाडूवास से सामने आई है। यहां रहने वाले गौरव ने NEET UG 2026 में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 9 हासिल कर पूरे जिले का नाम रोशन किया है। गौरव के पिता राजेश कुमार भारतीय सेना में कार्यरत हैं। गौरव ने 10वीं में 92 प्रतिशत और 12वीं में 90 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। वह अपनी सफलता का श्रेय अपनी बड़ी बहन अनुजा और अपने परिवार को देते हैं। अनुजा पहले से ही अलवर के ESIC मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं। गौरव का कहना है कि बहन की मेहनत, अनुशासन और लगातार पढ़ाई देखकर उन्हें डॉक्टर बनने की प्रेरणा मिली।

तनाव दूर करने के लिए क्रिकेट खेलते थे गौरव 

गौरव की मां सीमा देवी भी बच्चों की पढ़ाई के लिए लंबे समय तक कोटा में उनके साथ रहीं और हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया। गौरव रोजाना 7 से 8 घंटे सेल्फ स्टडी करते थे। उनका कहना है कि उन्होंने स्मार्टफोन का इस्तेमाल केवल पढ़ाई के लिए किया और कभी उसका गलत उपयोग नहीं किया। पढ़ाई के बीच तनाव दूर करने के लिए वे क्रिकेट खेलते थे।

क्या है सफलता का कारण? 

गौरव ने बताया कि उन्होंने हमेशा अपने शिक्षकों की सलाह मानी। हर टेस्ट के बाद अपनी गलतियों का विश्लेषण किया और उन्हें सुधारने पर ध्यान दिया। यही उनकी सफलता का सबसे बड़ा कारण बना। विशेषज्ञों का मानना है कि आज ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल टेस्ट प्लेटफॉर्म और वीडियो लेक्चर गांवों तक पहुंच चुके हैं। इससे छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों के छात्रों को भी बड़े शहरों जैसी तैयारी का अवसर मिल रहा है।

शिक्षा व्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत 

इस साल का NEET परिणाम यह दिखाता है कि अगर मेहनत, सही मार्गदर्शन और परिवार का सहयोग मिले, तो सीमित संसाधनों में भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। छोटे शहरों और गांवों के छात्रों की बढ़ती सफलता भारतीय शिक्षा व्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है और आने वाले समय में ग्रामीण भारत से और अधिक डॉक्टर बनने की उम्मीद बढ़ गई है। 

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