
Nawazuddin Siddiqui Life: नवाजुद्दीन सिद्दीकी एक ऐसा नाम जो किसी पहचान का मोहताज नहीं। ऐसा नाम जिसने अपने दम पर इंडस्ट्री में नाम बनाया।जिसने ये साबित किया है कि झुकने को आसमान भी झुकता है बस बाजुओं में उतना दम होना चाहिए । अपनी उम्दा एक्टिंग से फैंस के दिलों में राज करने वाले नवाजुद्दीन सिद्दीकी आज अपना 49 वां बर्थडे मना रहे हैं । अभिनेता नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी सातवीं बार कांस फिल्म फेस्टिवल में अपना जन्मदिन मना रहे है । अपने जन्मदिन समारोह के बारे में बात करते हुए नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने कहा, “भारत का प्रतिनिधित्व करना हमेशा एक विशेषाधिकार है। मैंने कांस में छह वर्षगांठ मनाई हैं क्योंकि मेरी फिल्मों का चयन किया गया है, लेकिन इस साल, एक भारतीय प्रतिनिधि के रूप में, यह और भी खास है। लेकिन यहां तक पहुंचन के लिए नवाजुद्दीन ने काफी मेहनत भी की है। आज के समय में भले ही उनके चाहने वालों की कोई कमी नहीं है लेकिन एक वक्त ऐसा भी था जब एक्टर को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी को चलाने के लिए चौकीदारी तक का काम करना पड़ा था।
दूसरे के घर जाकर देखा करते थे टीवी
उत्तर प्रदेश के छोटे से कस्बे में पैदा हुए नवाज की किस्मत उन्हें आज इस मोड़ पर लेकर आ जाएगी, किसी ने भी नहीं सोचा था। अभिनेता का जन्म 19 मई 1974 को उत्तर प्रदेश के एक छोटे से कस्बे बुढ़ाना में हुआ था। शक्ल और सूरत में तो नवाज भी बेहद आम है, लेकिन अभिनय में उनका कोई जवाब नहीं है। अभिनेता ने अपने 15 साल के संघर्ष के बाद इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाई है।नवाज जब छोटे थे तो उनके घर में टीवी नहीं हुआ करता था, सारा काम छोड़कर वो दूसरे के घर में जाकर टीवी देखा करते थे और यहीं से उनके मन में हीरो बनने के सपने ने जगह ले ली।
चौकादार की नौकरी की
नवाज ने दिल्ली में साल 1996में आए जहां उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से अभिनय की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वह किस्मत आजमाने मुंबई चले गए।नवाजुद्दीन सिद्दीकीने एक्टिंग स्कूल में दाखिला तो ले लिया लेकिन उनके पास रहने को घर नहीं था तो उन्होंने यहां आकर चौकीदार की नौकरी कर की। नवाज को यह नौकरी मिल तो गई लेकिन शारीरिक रूप से वह काफी कमजोर थे। इसलिए ड्यूटी पर वह अक्सर बैठे ही रहते थे। यही कारण था कि मालिक के देखने के बाद उन्हें नौकरी से हाथ धोना पड़ा। वहीं, उनको सिक्योरिटी अमाउंट भी रिफंड नहीं किया गया।
छोटे से लेकर बड़े तक हर किरदार निभाया
नवाज अपने संघर्ष के दिनों में कुछ भी करने गुजरने को तैयार रहते थे। फिल्मों में आने के बाद भी नवाज ने वेटर, चोर और मुखबिर जैसी छोटी- छोटी भूमिकाओं को करने में भी कोई शर्म महसूस नहीं की। एक्टर ने शूल, मुन्ना भाई MBBS और सरफरोश जैसी फिल्मों में ये छोटे-छोटे किरदार निभाए।
इस फिल्म से मिला मौका
नवाजुद्दीन सिद्दीकीको अनुराग कश्यप की फिल्म ब्लैक फ्राईडे में काम करने का मौका मिला। उसके बाद फिराक, न्यूयॉर्क और देव डी जैसी फिल्मों में काम मिला। सुजोय घोष की 'कहानी' में उनका काम सराहा गया। 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' तक आते आते नवाज स्टार बन चुके थे। चाहे 'बंदूकबाज' में बाबू मोशाय का किरदार हो या सेक्रेड गेम्स का गणेश गायतोंडे, सभी किरदारों से नवाज ने फैंस का दिल जीता है। आज जिस नवाज की मिसाल दी जाती है दरअसल वहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की है।
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