
IPAC Raids Case: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने केंद्र की इस एजेंसी पर चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक मकसद से कार्रवाई करने का आरोप लगाया। ममता बनर्जी ने कहा कि चुनाव से पहले इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) के दफ्तर पर छापा मारना पूरी तरह से संदिग्ध और राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश है।
वकील ने अदालत से कही ये बात
सीएम की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने अदालत में साफ कहा कि ये आरोप पूरी तरह झूठा है कि ममता बनर्जी छापे के दौरान कोई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस अपने साथ ले गई थीं। वकील ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री केवल चुनाव से जुड़े कुछ दस्तावेज लेकर गई थीं, जो गोपनीय प्रकृति के थे और जिनका किसी भी तरह की वित्तीय जांच से कोई संबंध नहीं है।
ममता बनर्जी की दलील
ममता बनर्जी ने दलील दी कि I-PAC के पास मौजूद सभी दस्तावेज चुनावी रणनीति, पोलिंग डेटा और मतदाताओं से जुड़ी जानकारी से संबंधित थे। यह सारी जानकारी बेहद संवेदनशील और गोपनीय होती है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसी पार्टी की चुनावी रणनीति बाहर लीक हो जाए, तो वह निष्पक्ष तरीके से चुनाव कैसे लड़ेगी।
ED की कार्रवाई का मकसद
सीएम ने छापे के समय को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि ईडी को पूरी जानकारी थी कि I-PAC एक राजनीतिक सलाहकार संस्था है, जो चुनावी रणनीति और कैंपेन से जुड़े काम करती है। इसके बावजूद चुनाव से ठीक पहले छापा मारना ये दिखाता है कि कार्रवाई का मकसद जांच से ज्यादा राजनीतिक है।
एजेंसियों की शक्तियों के दुरुपयोग- वकील
अदालत में ममता बनर्जी के वकील ने कहा कि ईडी को ये भली-भांति पता था कि I-PAC के दफ्तर में चुनाव से जुड़ा गोपनीय डेटा रखा जाता है। इसके बावजूद एजेंसी ने छापा मारा, जिससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने इसे जांच एजेंसियों की शक्तियों के दुरुपयोग का मामला बताया।
इस पूरे मामले में ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की और कहा कि चुनाव के समय इस तरह की कार्रवाइयां लोकतंत्र के लिए खतरनाक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी दलों को डराने और दबाने के लिए किया जा रहा है। अब सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर आगे की सुनवाई करेगा। ये मामला न सिर्फ बंगाल की राजनीति बल्कि देश में चुनावी प्रक्रिया और जांच एजेंसियों की भूमिका को लेकर भी अहम माना जा रहा है।
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