Mumbai Rain: देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिमी मानसून की धमाकेदार एंट्री हो चुकी है। जिसका असर अब मुंबई में भी दिखा जा रहा है। रात भर हुई भारी बारिश से शहर के कई निचले इलाकों में बड़े पैमाने पर जलभराव हो गया। वहीं, अब भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई और आसपास के जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी कर दिया है। बुधवार सुबह जारी किए गए इस अलर्ट में मुंबई, ठाणे, रायगढ़, पालघर और सिंधुदुर्ग में कुछ समय के लिए मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जिसके चलते लोगों को ज़रूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
इन इलाकों में IMD का अलर्ट
बता दें, मुंबई, उसके उपनगरों और पालघर में रेड अलर्ट है। ठाणे में ऑरेंज अलर्ट है और रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग में येलो अलर्ट जारी किया गया है। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के अनुसार, सुबह 10:00 बजे तक 'नाउकास्ट' चेतावनी लागू रही, क्योंकि शहर और उपनगरों में रुक-रुक कर भारी बारिश होती रही; साथ ही आसमान में बादल छाए रहे और बिजली चमकने व गरजने की संभावना बनी रही।
ज़ोरदार बारिश के बावजूद, वेस्टर्न रेलवे ने पुष्टि की कि सुबह के व्यस्त समय में हार्बर लाइन और चर्चगेट-दहानू कॉरिडोर समेत मुख्य रूटों पर सबअर्बन ट्रेन सेवाएं सामान्य रूप से चल रही थीं। हालांकि, रात भर लगातार हुई बारिश के कारण मुंबई और नवी मुंबई के कुछ इलाकों में जलभराव हो गया।
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जलभराव के कारण अंधेरी सबवे बंद
BMC के अनुसार, लगातार बारिश की वजह से भारी जलजमाव होने और पानी भर जाने के कारण अंधेरी सबवे को गाड़ियों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया था। 23 जून को सुबह 8:00 बजे से रात 11:00 बजे के बीच BMC द्वारा दर्ज बारिश के आंकड़ों के मुताबिक, शहर में औसतन 56 मिमी बारिश हुई, जबकि पूर्वी उपनगरों में 23 मिमी और पश्चिमी उपनगरों में 33 मिमी बारिश दर्ज की गई।
रात 10:00 बजे से 11:00 बजे के बीच, पश्चिमी उपनगरों में कई जगहों पर अच्छी-खासी बारिश हुई। इनमें कांदिवली का चारकोप सेक्टर 1 म्युनिसिपल स्कूल (32 मिमी), मलाड का MHB म्युनिसिपल स्कूल (28 मिमी), गजधरबंध स्टॉर्म वॉटर पंपिंग स्टेशन (26 मिमी), बनाना लीफ और जुहू डिस्पेंसरी (22 मिमी) और सांताक्रूज़ का नारियलवाड़ी स्कूल (21 मिमी) शामिल हैं।
BMC ने कहा कि पानी से भरे अंधेरी अंडरपास को छोड़कर सभी सबवे चालू रहे, जबकि शहर भर में रेल सेवा सामान्य रूप से चलती रही। उन्होंने कहा कि सिविक अधिकारियों को अभी तक उस जगह पर बहुत ज़्यादा पानी जमा होने की समस्या का कोई अस्थायी समाधान नहीं मिला है। लेकिन टीमें लगातार काम कर रही थीं। साथ ही, गाड़ियों को पानी से भरे अंडरपास में जाने से रोका जा रहा हैं।