CM Yogi: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस आयुक्तों, जिला मजिस्ट्रेटों और पुलिस अधीक्षकों को दुर्गा पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने रविवार को यह जानकारी दी। दरअसल, यह कदम उत्तरी कोलकाता के प्रसिद्ध चोरबागान सर्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में हुई त्रासदी के बाद उठाया गया है, जहां पंडाल के अचानक गिरनेे से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण भगदड़ मच गई, जिसमें 19 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य अस्पताल में भर्ती हैं।
CMO के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अग्नि सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करने, प्रवेश और निकास बिंदुओं की जांच करने और पंडालों में पर्याप्त आपातकालीन निकास सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। CMO ने लिखा 'मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुर्गा पूजा पंडालों की सुरक्षा को लेकर सभी पुलिस आयुक्तों, जिला मजिस्ट्रेटों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी किए हैं। सभी अधिकारियों को पंडालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करना होगा। जिला मजिस्ट्रेटों और पुलिस अधीक्षकों को प्रवेश और निकास बिंदुओं की जांच करनी होगी। आपातकालीन निकास के लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। सभी अधिकारियों को विद्युत व्यवस्था की जांच करनी होगी। सभी अधिकारियों को फील्ड में तैनात रहना होगा।'
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चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल त्रासदी
इस बीच, कोलकाता पुलिस ने चोरबागान सर्वजनिन दुर्गा पूजा समिति के दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ के सिलसिले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पश्चिम बंगाल सरकार ने चोरबागान सर्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में हुई दुखद भगदड़ की गहन जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। राज्य कैबिनेट मंत्री उमेश राय ने रविवार को इस घटना को कुप्रबंधन का मामला बताते हुए यह जानकारी दी।
बता दें, राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि और सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है, साथ ही प्रत्येक घायल को 5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने की भी घोषणा की है। इस घटना के बाद, कोलकाता पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए 18 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक तीन दिनों के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत शहर के संवेदनशील हिस्सों में निषेधाज्ञा लागू कर दी।