Chota Sidhu gun gesture controversy: चडीगढ़ स्थित मानवाधिकार अंतर्राष्ट्रीय (पंजीकृत) के वकीलों ने मानसा उपायुक्त और जिला बाल संरक्षण इकाई के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के माता-पिता बलकौर सिंह और चरण कौर के लगभग ढाई वर्षीय छोटे बेटे सुखदीप सिंह सिद्धू उर्फ छोटा सिद्धू के कल्याण की जांच की मांग की गई है।
दरअसल, संगठन द्वारा अपने महासचिव और अधिवक्ता नवकिरण सिंह के माध्यम से 17 अक्टूबर को प्रस्तुत शिकायत में सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान बच्चे के कथित तौर पर बंदूक से संबंधित इशारों के संपर्क में आने पर चिंता व्यक्त की गई है।
इसमें किशोर न्याय (देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 के तहत हस्तक्षेप की मांग की गई है, जिसमें माता-पिता के लिए परामर्श और मामले की जांच शामिल है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायत के अनुसार, 9 अक्टूबर को टोरंटो, कनाडा में 'साइंड टू गॉड वर्ल्ड टूर' के उद्घाटन शो के दौरान बच्चे को मंच पर लाया गया था, जहां उसने कथित तौर पर पिस्तौल चलाने के इशारे किए और गोलियों की आवाज की नकल की। शिकायत में सोशल मीडिया पर प्रसारित उन वीडियो का भी जिक्र है जिनमें कथित तौर पर बच्चे के आसपास के लोग उसे इसी तरह के इशारे करने के लिए उकसाते दिख रहे हैं। संगठन का तर्क है कि कम उम्र में इस तरह की तस्वीरों को बार-बार देखने से बच्चे के विकास पर असर पड़ सकता है, हिंसक व्यवहार सामान्य हो सकता है और उसकी सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं, खासकर इसलिए क्योंकि उसके बड़े भाई सिद्धू मूसेवाला की 29 मई, 2022 को मानसा जिले के जवाहरके गांव के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शिकायत में स्पष्ट किया गया है कि संगठन को बच्चे के श्रद्धांजलि कार्यक्रमों में शामिल होने या अपने दिवंगत भाई की याद में आयोजित कार्यक्रमों का हिस्सा बनने पर कोई आपत्ति नहीं है।
शिकायत में कहा गया है कि उसकी चिंता विशेष रूप से इस बात को लेकर है कि बच्चे को गोलीबारी या अन्य हिंसक इशारे करने के लिए सिखाया, प्रोत्साहित या अनुमति दी जा रही है। मांगी गई राहतों में जिला बाल संरक्षण इकाई या किसी योग्य बाल परामर्शदाता के माध्यम से माता-पिता की काउंसलिंग, बच्चे को ऐसे इशारे करने से रोकने के निर्देश और संबंधित अधिकारियों द्वारा अनुपालन की निगरानी शामिल है। शिकायतकर्ता ने जिला मजिस्ट्रेट से यह सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया है कि इस मामले को उचित विचार-विमर्श के लिए बाल कल्याण समिति द्वारा शीघ्र उठाया जाए। संगठन का कहना है कि उसका प्राथमिक उद्देश्य बच्चे के कल्याण की रक्षा करना और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है, न कि दंडात्मक कार्रवाई करना या हिरासत में किसी प्रकार का बदलाव करना। उसने संबंधित कानूनी प्रावधानों के अनुसार सक्षम अधिकारियों द्वारा जांच और उचित हस्तक्षेप की मांग की है। फिलहाल, शिकायत में आरोपों के संबंध में अधिकारियों द्वारा कोई फैसला या निष्कर्ष नहीं दिया गया है।
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