Madhya Pradesh News:मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास रविवार, 18 अक्टूबर 2026 की तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे में 13 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। नवरात्र के दौरान मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी बीच धान से लदा एक ट्रक अनियंत्रित होकर श्रद्धालुओं और सड़क किनारे लगी दुकानों में जा घुसा। हादसा रात करीब 1:30 बजे हुआ। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रक पुलिस बैरिकेड तोड़ते हुए मंदिर के प्रवेश द्वार और बाहरी दीवार से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दीवार का एक हिस्सा भी ढह गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए बचाव अभियान चलाया गया। पुलिस के मुताबिक, हादसे में कई लोग घायल हुए हैं और कुछ की हालत गंभीर बताई गई है।
हादसे के बाद घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। एक चश्मदीद ने बताया कि मंदिर के पास मेले के दौरान वाहनों की आवाजाही पर रोक रहती थी और दुकानों के पास मोटरसाइकिल तक नहीं आने दी जाती थी। ऐसे में धान से भरा भारी ट्रक श्रद्धालुओं की भीड़ तक कैसे पहुंच गया, यह बड़ा सवाल है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर आगे बढ़ा और वहां मौजूद लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। कुछ श्रद्धालु इसकी चपेट में आ गए, जबकि कई लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागे। चश्मदीदों ने यह भी सवाल उठाया कि जब रास्ते पर पुलिस की तैनाती और बैरिकेडिंग थी, तो ट्रक को आगे बढ़ने से क्यों नहीं रोका जा सका। हालांकि, हादसे के लिए किसी की जिम्मेदारी तय होना अभी बाकी है।
भारी वाहनों की एंट्री पर रोक, फिर कैसे हुआ हादसा?
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शीतला माता मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते पर ढलान है और वहां भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, छिनोर की तरफ से धान से लदा ट्रक आया था। पुलिस ने उसे बैरिकेड के पास रोकने की कोशिश की, लेकिन वाहन अनियंत्रित होकर नीचे की ओर बढ़ गया और रास्ते में श्रद्धालुओं को कुचलता हुआ मंदिर के गेट से टकरा गया। प्रारंभिक जांच में वाहन के नियंत्रण से बाहर होने की बात सामने आई है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि हादसे में सड़क किनारे लगी कई प्रसाद की दुकानें क्षतिग्रस्त हुईं। अब जांच का अहम पहलू यह है कि प्रतिबंधित रास्ते पर ट्रक किस परिस्थिति में पहुंचा और बैरिकेडिंग के बावजूद वह भीड़ वाले क्षेत्र तक कैसे पहुंच गया।
घायलों का इलाज जारी, हादसे की जांच में जुटा प्रशासन
हादसे के बाद पुलिस, प्रशासन और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। घायलों को ग्वालियर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों के अनुसार, कुछ घायलों की हालत गंभीर है और उन्हें विशेष चिकित्सा सहायता दी जा रही है। जिला प्रशासन ने घायलों के इलाज की व्यवस्था की है। हादसे में पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी खबर है। प्रशासन अब दुर्घटना के कारणों, ट्रक की स्थिति, रास्ते पर लगाए गए बैरिकेड और सुरक्षा प्रबंधों की जांच कर रहा है। चश्मदीदों के सवालों के बीच यह पता लगाना जरूरी होगा कि प्रतिबंधित क्षेत्र में भारी वाहन कैसे पहुंचा और उसे रोकने के लिए तैनात व्यवस्था क्यों कारगर नहीं रही। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की जिम्मेदारी और लापरवाही से जुड़े तथ्यों की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
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