
Trade Union Strike: आज ट्रेड यूनियनों और बैंक कर्मचारियों द्वारा देशव्यापी हड़ताल का एलान किया गया है । जिससे देशभर में आवश्यक सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना है। इस हड़ताल से बैंकिंग, डाकघर और रेलवे सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। प्रदर्शन के दौरान सड़कों को जाम करने की चेतावनी भी दी गई है। उत्तर प्रदेश में बिजली कर्मचारियों ने अलग से हड़ताल की घोषणा की है। केंद्रीय और क्षेत्रीय ट्रेड यूनियनों से जुड़े कर्मचारी बुधवार को पूरे देश में हड़ताल करेंगे, जिससे बैंकिंग, डाक और अन्य सेवाएं बाधित हो सकती हैं। यह हड़ताल नए श्रम संहिता, निजीकरण के विरोध और 26,000रुपये न्यूनतम वेतन तथा पुरानी पेंशन योजना की मांग को लेकर की जा रही है।
राष्ट्रव्यापी हड़ताल से कई क्षेत्रों में सेवाएं प्रभावित
केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा बुलाई गई देशव्यापी हड़ताल से बैंकिंग, बीमा, डाक, कोयला खनन, राजमार्ग और निर्माण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में व्यवधान की आशंका है। सीआईटीयू, इंटक और एटक जैसे संगठन चार नए श्रम संहिताओं को रद्द करने, ठेकाकरण और सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण को रोकने, न्यूनतम वेतन को 26,000रुपये प्रतिमाह करने, स्वामीनाथन आयोग के सी2+50%फॉर्मूले के आधार पर फसलों के लिए एमएसपी लागू करने और किसानों की ऋण माफी की मांग कर रहे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) और नरेगा संघर्ष मोर्चा जैसे क्षेत्रीय संगठनों ने इस हड़ताल को अपना समर्थन दिया है, जबकि आरएसएस से जुड़ा भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) इस आंदोलन से अलग रहा है, इसे राजनीति से प्रेरित बताते हुए।
सड़कों और रेलवे पर होगा असर
सीआईटीयू की राष्ट्रीय सचिव एआर सिंधु ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन होंगे। हालांकि, असंगठित क्षेत्र के सभी श्रमिक इस हड़ताल में सीधे शामिल नहीं हो सकेंगे, लेकिन उन्हें संगठित करने की कोशिश की जाएगी। प्रदर्शन के दौरान सड़कों को जाम करने और रेल सेवाओं को बाधित करने की योजना है। यह हड़ताल केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ एकजुट विरोध का हिस्सा है, जिसमें मजदूरों और किसानों की मांगों को प्रमुखता दी जा रही है।
रांची में मशाल जुलूस, चक्का जाम की तैयारी
झारखंड की राजधानी रांची में मंगलवार शाम ट्रेड यूनियनों और वामपंथी दलों के संयुक्त मंच ने चार श्रम संहिताओं को निरस्त करने की मांग को लेकर मशाल जुलूस निकाला। यह जुलूस सैनिक मार्केट से शुरू होकर अल्बर्ट एक्का चौक पर समाप्त हुआ, जहां प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मजदूर विरोधी नीतियों का आरोप लगाया। अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एआईटीयूसी) के अशोक यादव ने बताया कि यह जुलूस 17सूत्री मांगों के समर्थन में था। सीपीआई के राज्य सचिव महेंद्र पाठक ने कहा कि हड़ताल के दौरान दो घंटे का चक्का जाम भी किया जाएगा।
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