खुद को मुगलों का वंशज बताकर मांगा लाल किला, CJI ने पूछा - ताजमहल क्यों नहीं मांगते?'

खुद को मुगलों का वंशज बताकर मांगा लाल किला, CJI ने पूछा - ताजमहल क्यों नहीं मांगते?'

Supreme Court Statement: सुप्रीम कोर्ट ने आज एक ऐसी याचिका पर सुनवाई की, जो चर्चा का विषय बन गया है। दरअसल, कोलकाता के हावड़ा की वाली सुल्ताना बेगम ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। जिसमें उन्होंने खुद को मुगलों का वंशज बताया। इसी दावे के चलते उन्होंने अपनी याचिका में दिल्ली के लाल किले पर कब्जे की मांग की थी। वहीं, अब इस याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। इस मामले में CJI संजीव खन्ना ने 'पूछा 'सिर्फ लाल किला ही क्यों? फतेहपुर सीकरी और ताजमहल क्यों नहीं मांगते?'

सुल्ताना बेगम का दावा

दरअसल, सुल्ताना बेगम ने अपनी याचिका में दावा किया कि वह मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर (द्वितीय) के परपोते की विधवा और कानूनी उत्तराधिकारी हैं। उन्होंने दावा किया है कि दिल्ली का लाल किला उनके पूर्वजों का निवास स्थान था। इसलिए उन्होंने लाल किले पर कब्जे की मांग की है।

सुल्ताना बेगम ने अपनी याचिका में कहा कि साल 1857में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने मुगल शासकों पर खूब अन्याय किया। इसके बाद भारत सरकार ने भी इस संपत्ति को अपने नियंत्रण में ले लिया। इसलिए उन्होंने लाल किले पर अपना हक मांगा।  

CJI ने क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट में CJI संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिका को 'बेतुका' और सुनवाई के अयोग्य करार देते हुए खारिज कर दिया। सुनवाई के दौरान CJI ने सुल्ताना के दावे पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा 'आप सिर्फ लाल किला क्यों मांग रहे हैं? फतेहपुर सीकरी, ताजमहल और अन्य स्मारकों पर दावा क्यों नहीं करते? वो भी तो मुगलों ने बनवाए हैं।'

पहले भी दायर की थी याचिका 

इससे पहले सुल्ताना बेगम ने 2021 में दिल्ली हाई कोर्ट में भी इसी तरह की याचिका दायर की थी, जिसे खारिज कर दिया गया था। उस समय हाई कोर्ट की जस्टिस रेखा पल्ली ने तब टिप्पणी की थी कि 1857 के अन्याय का दावा करने में 150 साल से अधिक की देरी क्यों हुई। उन्होंने सवाल उठाया 'आप इतने सालों से क्या कर रही थीं?' सुल्ताना के वकील विवेक मोर ने जवाब दिया कि उनके पति मिर्जा बेदर बख्त को पंडित जवाहरलाल नेहरू के समय पेंशन दी गई थी, जो उनकी मृत्यु के बाद सुल्ताना को मिल रही है। हालांकि, 6,000 रुपये की मासिक पेंशन को उन्होंने अपर्याप्त बताया।

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