
SC On Justice Income: 14 मार्च को दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के घर में आग लगी थी। छानबीन करने के बाद उनके आवास से कथित तौर पर भारी मात्रा में अधजले नोटों का बंडल मिला था। जिसके बाद CJI संजीव खन्ना ने सभी 33 जजों के लिए एक निर्देश जारी किया था। CJI ने सभी जजों को अपनी संपत्ति का ब्यौरा सार्वजनिक करने का आदेश दिया है। ये आदेश 01 अप्रैल को जारी किया गया था। जिसके बाद अब सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर 33 में से 21 न्यायाधीशों की संपत्ति की जानकारी अपलोड की गई हैं। बता दें, यह कदम न्यायपालिका में पारदर्शिता को बढ़ाने और जनता का विश्वास बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
तीन सदस्यीय आंतरिक समिति का गठन
बता दें, दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के घर में लगी आग और अधजले नोटों के मिलने के बाद न्यायपालिका में पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े हुए। इस मामले में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ समेत कई हस्तियों ने चिंता जताई। इसके जवाब में सुप्रीम कोर्ट ने एक तीन सदस्यीय आंतरिक समिति गठित किया। इस समिति ने 04 मई को को अपनी रिपोर्ट CJI संजीव खन्ना को सौंपी।
CJI संजीव खन्ना ने अपना फैसला में कहा कि जजों की संपत्ति की ऐलान सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। मालूम हो कि जजों की संपत्ति का ब्यौरा सार्वजनिक करने का फैसला पहली बार साल 1997 में लिया गया था। इस फैसला पर हाईकोर्ट ने भी अपनी सहमति जताई थी। लेकिन इस फैसले को लागू करना थोड़ा मुश्किल हो गया था। लेकिन अब एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में इस पर सहमति जताई है।
30 जजों ने की अपनी संपत्ति की घोषणा
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में जजों की निर्धारित संख्या 34 है। जिसमें से एक पद खाली है। यानी अभी कुल 33 जज हैं। इनमें से 30 जजों ने अपनी संपत्ति का ब्यौरा न्यायाधीश को सौंप दिया है। जबकि तीन जजों की जानकारी अभी लंबित है। 21 जजों की संपत्ति का विवरण वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। जिसमें CJI संजीव खन्ना और अन्य वरिष्ठ जज शामिल हैं। हालांकि, 12 जजों ने अभी तक अपनी संपत्ति की जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
बता दें, 30 जजों के नाम हैं - CJI संजीव खन्ना, जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई, जस्टिस सूर्य कांत, न्यायमूर्ति अभय एस ओका, जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस जेके माहेश्वरी, जस्टिस बीवी नागरत्न, जस्टिस एम. एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी का नाम शामिल हैं। इनके अलावा न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा, न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया, जस्टिस जेबी पारदीवाला, जस्टिस जैसे कई जजों के नाम शामिल हैं।
जजों की नियुक्ति प्रक्रिया भी होगी पारदर्शी
संपत्ति के खुलासे के साथ-साथ, सुप्रीम कोर्ट ने जजों की नियुक्तियों की प्रक्रिया को भी पारदर्शी बनाने के लिए कदम उठाए हैं। हाल ही में, कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में जजों की नियुक्ति के लिए मूल्यांकन मानदंड और प्रक्रिया को अपनी वेबसाइट पर अपलोड किया। इसमें 9 नवंबर, 2022 से 5 मई, 2025 तक हाई कोर्ट जजों की नियुक्तियों के लिए सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा अनुमोदित प्रस्तावों का विवरण शामिल है। जैसे उम्मीदवारों के नाम, स्रोत (सेवा या बार), विशेष श्रेणी (SC/ST/OBC/अल्पसंख्यक/महिला), और नियुक्ति की तारीखें जैसी जानकारी का भी विवरण दिया गया है।
CJI संजीव खन्ना की संपत्ति का ब्यौरा
सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, देश के चीफ जस्टिस संजीव खन्ना के पास फिक्स्ड डिपॉजिट और बैंक अकाउंट्स में 55.75 लाख रुपये और PPF खाते में 1.06 करोड़ रुपये हैं। वहीं, अचल संपत्तियों की बात करें तो CJI खन्ना के नाम पर दक्षिण दिल्ली में दो बेडरूम का डीडीए फ्लैट और राष्ट्रमंडल खेल गांव में चार बेडरूम का फ्लैट है।
जस्टिस बीआर गवई की संपत्ति का ब्यौरा
बता दें, CJI संजीव खन्ना 13 मई को रिटायर हो रहे हैं। उनकी जगह अगले CJI जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई बनेंगे। जस्टिस बीआर गवई 14 मई से सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस पद की शपथ लेंगे। उनके बैंक अकाउंट में ₹19.63 लाख और PPF खाते में ₹6.59 लाख हैं। इसके अलावा जस्टिस गवई को महाराष्ट्र के अमरावती में एक घर और मुंबई और दिल्ली में आवासीय अपार्टमेंट मिले हैं।
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