
Rohini Ghavri-Chandrashekhar Azad Love Story: स्विट्जरलैंड से पढ़ने वाली रोहिणी घावरी और उत्तर प्रदेश के नगीना से सांसद चंद्रशेखर आज़ाद की लव स्टोरी इन दिनों हर तरफ छाई हुई है। लेकिन इनकी प्रेम कहानी का बड़ा दुखद अंत हुआ। इसी बीच, रोहिणी ने खुद अपने प्यार और उसके अंत की दास्तान, अपने अनुभवों को शेयर किया है।
कैसे हुई रोहिणी-चंद्रशेखर के प्यार की शुरुआत
बता दें, रोहिणी घावरी पीएचडी के लिए स्विट्जरलैंड से पढ़ाई कर रही है। इस बीच, उन्होंने अपने प्यार चंद्रशेखर आज़ाद को लेकर कई बड़े खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि उनकी और चंद्रशेखर से मुलाकात साल पहले हुई थी। उस समय चंद्रशेखर चंद्रशेखर एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में अपनी पहचान बना रहे थे। लेकिन उस समय चंद्रशेखर की सादगी ने सबसे ज्यादा रोहिणी को आकर्षित किया। जिसके बाद दोनों की दोस्ती हुई और ये दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई।
रोहिणी ने बताया कि उसकी और चंद्रशेखर री दोल्ती कब प्यार में बदल गई. ये उन्हें पता ही नहीं चला। उन्होंने बताया कि जिस समय उनके बीच प्यार की शुरुआत हुई, तब चंद्रशेखर के परिवार की स्थिति ठीक नहीं थी। बावजूद इसके मैंने उसी इंसान से प्यार किया। रोहिणी कहती है 'मैंने उस गरीब चंद्रशेखर को पसंद किया था, जो अपने लोगों के लिए लड़ता था जिसके पास पैसों की कमी थी। मैंने उनकी आंखों में एक सपना देखा था, जिसका मैं हिस्सा बनना चाहची थी।
रिश्तों में आने लगी हरारें
लेकिन इस प्यार भरी कहानी में दर्दभरा मोड़ तब आया, जब चंद्रशेखर का राजनीतिक सफर पटरी पर आया। उसी के बाद से जीवन में कई बदलाव आए। साल 2024 में नगीना लोकसभा सीट से सांसद बनने के बाद चंद्रशेखर की जिंदगी में नया मोड़ आया। रोहिणी ने खुलासा किया कि सांसद बनने के बाद चंद्रशेखर का स्वभाव बदलने लगा। राजनीति पद, सत्ता और रुतबे ने उन्हें बदल दिया। मैं जिस चंद्रशेखर को जानती थी, वह अब कहीं खो गया है। क्योंकि उनकी इस नकली दुनिया में अब मेरे लिए कोई जगह नहीं बची।
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