Dharmendra Pradhan on Rahul Gandhi: धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस छात्रों के हितों के बारे में लगातार झूठे दावे फैला रही है और कहा कि राहुल गांधी न तो संसद आना चाहते हैं और न ही सरकार के सवालों के जवाब सुनना चाहते हैं। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा ‘कांग्रेस छात्रों के हितों के बारे में लगातार झूठ फैला रही है। राहुल गांधी के पास तथ्यों की कमी है, और विपक्ष के नेता, जो आदतन झूठ बोलते हैं, न तो संसद आना चाहते हैं और न ही जवाब सुनना चाहते हैं। वे सिर्फ झूठ फैलाना और मगरमच्छ के आंसू बहाना चाहते हैं।‘ बता दें, उनकी यह टिप्पणी झारखंड में छात्रों के हालिया विरोध प्रदर्शनों और पुलिस द्वारा उन पर कथित बल प्रयोग को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव के बीच आई है।
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गृह मंत्री के खिलाफ बेबुनियाद आरोप’ लगाए गए
प्रधान ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ ‘बेबुनियाद, तथ्यहीन झूठे आरोप’ लगाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार संसद में हर मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार है, लेकिन आरोप लगाया कि कांग्रेस सदन के कामकाज में बाधा डाल रही है। उन्होने कहा ‘माननीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी पर निराधार, तथ्यों से रहित झूठे आरोप लगाना राहुल गांधी और कांग्रेस की राजनीतिक हताशा को दर्शाता है।‘
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष चर्चा में भाग लेने के बजाय संसद को बाधित करने का प्रयास कर रहा है और उस पर देश और युवाओं के कल्याण से ऊपर राजनीतिक हितों को रखने का आरोप लगाया। प्रधान ने कहा ‘सरकार संसद में हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन कांग्रेस लोकतंत्र के मंदिर, 'संसद भवन' को बाधित कर रही है और देश और युवाओं के हितों को कुचल रही है।‘
चर्चा का प्रस्ताव रखते ही विपक्ष का विरोध
पूर्व शिक्षा मंत्री ने आगे आरोप लगाया कि जब भी सदन में चर्चा का प्रस्ताव रखा जाता है, विपक्ष संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन करता है क्योंकि वह सदन के अंदर जवाब सुनने को तैयार नहीं है। प्रधान ने कांग्रेस पर युवाओं से जुड़े मामलों में "चयनात्मक" रवैया अपनाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा ‘कांग्रेस का लोकतंत्र भी 'चयनात्मक' है - जहां वे सरकार में हैं वहां युवाओं के खिलाफ हिंसा और जहां वे राजनीतिक रूप से चमकना चाहते हैं वहां झूठ और हंगामा।‘
झारखंड विरोध प्रदर्शनों का विशेष रूप से जिक्र करते हुए प्रधान ने कहा कि छात्रों के खिलाफ कथित बर्बरता पूरे देश ने देखी है और उन्होंने इस घटना पर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा ‘लेकिन सवाल यह है कि हर मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले राहुल गांधी आज चुप क्यों हैं?’ इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखी नोकझोक शुरू हो गई है। मंगलवार को एनडीए सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और विपक्ष पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया। सत्ताधारी गठबंधन का कहना है कि गृह मंत्री अमित शाह विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों का जवाब देने के लिए तैयार हैं।
कांग्रेस आपातकाल के दौर की मानसिकता से काम करती है - धर्मेंद्र प्रधान
प्रधान ने कांग्रेस पर आपातकाल के दौर की मानसिकता से काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र में तानाशाही की कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा ‘लोकतंत्र में तानाशाही की कोई जगह नहीं है; राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी, जो आपातकाल के दौर की मानसिकता से काम करती है, उन्हें यह बात अच्छी तरह समझ लेनी चाहिए।‘
प्रधान की टिप्पणियों से झारखंड छात्र विरोध प्रदर्शनों को लेकर राजनीतिक खींचतान और तेज होने की संभावना है। सरकार संसदीय बहस की ओर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश कर रही है, जबकि विपक्ष जंतर-मंतर पर कथित पुलिस कार्रवाई के लिए जवाबदेही की मांग जारी रखे हुए है। झारखंड में विरोध प्रदर्शन भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोपों और सुधारों तथा स्वतंत्र जांच की मांगों को लेकर केंद्रित हैं। यह अशांति एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गई है। भाजपा ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है और विपक्षी नेता सरकार से जवाब मांग रहे हैं।