Delhi Crime: दिल्ली पुलिस ने दो चरणों में काम करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। ये गिरोह कथित तौर पर मोबाइल फोन चोरी करने और चोरी किए गए उपकरणों से जुड़े बैंक खातों से पैसे निकालने में शामिल था। पुलिस ने इस मामले अबतक में 9 लोगों को गिरफ्तार किया है और भारी मात्रा में सामान बरामद किया है। बरामद सामान और अन्य सामग्री से जांचकर्ताओं को गिरोह की गतिविधियों की पूरी जानकारी जुटाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क पर पुलिस का वार
इसके अलावा 7 अगस्त को एक अलग ऑपरेशन में, दिल्ली पुलिस ने इसी तरह के एक अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था और कथित प्रतिरूपण घोटाले के सिलसिले में एक नाइजीरियाई नागरिक सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर पीड़ित से संपर्क किया और दावा किया कि उसके नाम पर अमेरिकी डॉलर और सोने से भरा एक पार्सल भारत आया है। फिर उन्होंने अधिकारी बनकर सीमा शुल्क निकासी और अन्य औपचारिकताओं के बहाने पैसे की मांग की। पीड़ित से कथित तौर पर लगभग ₹1.46 लाख की धोखाधड़ी की गई। पुलिस ने दिल्ली, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में समन्वित छापेमारी की और इस दौरान सात मोबाइल फोन बरामद किए।
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अमित शाह ने सुरक्षा संचालन केंद्र का किया शुभारंभ
बता दें, यह पुलिस कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब अधिकारी संगठित साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क पर नकेल कस रहे हैं, जो पीड़ितों को आर्थिक रूप से निशाना बनाने के लिए मोबाइल चोरी जैसे पारंपरिक अपराधों को डिजिटल तरीकों के साथ जोड़ते हैं। इससे पहले 8 अगस्त को, केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शहरी सहकारी बैंकों के लिए मजबूत साइबर सुरक्षा और डिजिटल सुरक्षा उपायों की आवश्यकता पर जोर दिया और एक सुरक्षा संचालन केंद्र (SOC) के शुभारंभ की घोषणा की, जो इस क्षेत्र के लिए 24/7 साइबर निगरानी और सुरक्षा प्रदान करेगा।
अमित शाह ने बीएसई इंटरनेशनल कन्वेंशन हॉल में 'सहकार नव-क्रांति' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा ‘डिजिटल लेनदेन धोखाधड़ी में वृद्धि हुई है। बैंकिंग सुरक्षा के लिए फोरेंसिक विज्ञान का समर्थन महत्वपूर्ण है और राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) के साथ सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है।‘