पाकिस्तान का Golden Temple पर हमला हुआ था फेल, भारतीय सेना ने लाइव डेमो में दिखाई अपनी शक्ति

पाकिस्तान का Golden Temple पर हमला हुआ था फेल, भारतीय सेना ने लाइव डेमो  में दिखाई अपनी शक्ति

Pakistan Attack Failed On Golden Temple: 22अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने सबको झकझोर दिया। जिसके जवाब में भारत ने 07मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और PoK के नौ आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया। इस तबाही से बौखलाए पाकिस्तान ने 08मई की रात को भारत के पवित्र स्थल, अमृतसर के गोल्डन टेंपल पर मिसाइल और ड्रोन हमले की साजिश रची। लेकिन भारतीय सेना की सतर्कता और स्वदेशी आकाश मिसाइल रक्षा प्रणाली की ताकत ने पाकिस्तान के इस नापाक इरादे को मिट्टी में मिला दिया। बता दें, भारतीय सेना ने 19मई 2025को अमृतसर में एक लाइव डेमो के जरिए दिखाया कि कैसे उनकी वायु रक्षा प्रणालियों ने स्वर्ण मंदिर सहित पंजाब के कई शहरों को पाकिस्तानी हमले से बचाया।

भारतीय सेना का लाइव डेमो

19मई 2025को अमृतसर में भारतीय सेना ने एक लाइव डेमो आयोजित किया। जिसमें दिखाया गया कि कैसे आकाश मिसाइल प्रणाली, L-70एयर डिफेंस गन, और अन्य प्रणालियों ने पाकिस्तानी हमले को नाकाम किया। मेजर जनरल शेषाद्री ने बताया '08मई की सुबह अंधेरे में पाकिस्तान ने ड्रोन और लंबी दूरी की मिसाइलों के साथ बड़े पैमाने पर हवाई हमला किया। हम पूरी तरह तैयार थे और हमारे वायु रक्षा प्रणालियों ने स्वर्ण मंदिर पर निशाना साधे गए सभी ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराया। हमारे पवित्र स्थल पर एक खरोंच भी नहीं आई।'

इस डेमो में सेना ने यह भी प्रदर्शित किया कि कैसे एकीकृत काउंटर-यूएएस ग्रिड (Integrated Counter-UAS Grid) ने रडार डेटा, जैमिंग सिस्टम, और मिसाइल प्रणालियों को समन्वयित कर पाकिस्तानी ड्रोन को निष्क्रिय किया। इस ऑपरेशन में S-400त्रिउम्फ प्रणाली ने भी लंबी दूरी के खतरों को नष्ट करने में सहायता प्रदान की।

स्वर्ण मंदिर पर हमले करने का साजिश

ऑपरेशन सिंदूर के जवाब में 7-8मई 2025की रात पाकिस्तान ने भारत के उत्तरी और पश्चिमी क्षेत्रों में 15सैन्य और नागरिक ठिकानों पर ड्रोन से हमला करने की कोशिश की।इन ठिकानों में अवंतिपुरा, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, बठिंडा, चंडीगढ़, नाल, फलोदी, उत्तरलाई, और भुज शामिल थे। साथ ही, स्वर्ण मंदिर को भी निशाना बनाने की कोशिश की गई।

इस मामले में 15वीं इन्फेंट्री डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) मेजर जनरल कार्तिक सी. शेषाद्री का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस हमले की आशंका पहले से ही थी। उन्होंने कहा 'हमें पता था कि पाकिस्तानी सेना के पास कोई वैध सैन्य लक्ष्य नहीं हैं। इसलिए हमने बस अनुमान लगाया था कि वे भारतीय सैन्य ठिकानों के साथ-साथ नागरिक और धार्मिक स्थलों को भी निशाना बनाएंगे।' इसलिए इस अनुमान के आधार पर सेना ने स्वर्ण मंदिर को एक व्यापक वायु रक्षा कवच प्रदान करने के लिए अतिरिक्त आधुनिक रक्षा उपकरण तैनात किए।

भारत का स्वदेशी कवच आकाश मिसाइल प्रणाली

पाकिस्तान के हमले को नाकाम करने में भारत की स्वदेशी आकाश मिसाइल प्रणाली ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित यह मिसाइल प्रणाली सतह से हवा में भी ्पना कमाल दिखा सकती है। बता दें, आकाश मिसाइल 45-70 किलोमीटर की दूरी तक लक्ष्य को भेद सकती है। यह 2.5 से 3.5 मैक (लगभग 4,200 किमी/घंटा) की गति से उड़ान भरती है। यह एक साथ कई लक्ष्यों जैसे ड्रोन, मिसाइल, हेलीकॉप्टर, और यहां तक कि अत्याधुनिक लड़ाकू विमान जैसे F-16 को निशाना बना सकती है।

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