NEET UG Paper Leak Case: राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को NEET-UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक मामले में तीन आरोपियों की याचिका खारिज कर दी, जिसमें पॉलीग्राफ, ब्रेन-मैपिंग और लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने के निर्देश देने की मांग की गई थी। विशेष न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) अजय गुप्ता ने मंगिलाल बिवाल, विकास बिवाल और दिनेश बिवाल द्वारा दायर आवेदन को खारिज कर दिया। आरोपियों ने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच में सहायता का तर्क देते हुए इन परीक्षणों की मांग की थी। उनके वकील, एडवोकेट एपी सिंह ने कहा कि निष्पक्ष जांच और निष्पक्ष सुनवाई संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत आरोपियों को प्राप्त अधिकार हैं।
हालांकि, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने आवेदन का विरोध किया। वरिष्ठ लोक अभियोजक वीके पाठक ने तर्क दिया कि आवेदन सुनवाई योग्य नहीं है और आरोपियों के खिलाफ हर्जाना मांगा, यह बताते हुए कि सरकार ने इस मामले से निपटने के लिए पहले ही एक विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित कर दिया है। इस बीच, कोर्ट ने सीबीआई चार्जशीट पर संज्ञान लेने का अपना आदेश स्थगित कर दिया। कोर्ट ने कहा कि आदेश लिखा जा रहा है, लेकिन रिकॉर्ड बहुत बड़ा होने के कारण इसे पूरा नहीं किया जा सका है। अब संज्ञान का आदेश 12 अगस्त को सुनाया जाएगा।
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12 अगस्त तक बढ़ी आरोपियों की न्यायिक हिरासत
अदालत ने आरोपियों की न्यायिक हिरासत भी 12 अगस्त तक बढ़ा दी है। आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश हुए। CBI ने NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के संबंध में 13 आरोपियों के खिलाफ लगभग 20,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। एजेंसी ने चार्जशीट में 360 गवाहों, 422 दस्तावेजों और 43 भौतिक वस्तुओं का हवाला दिया है।
आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और साक्ष्य नष्ट करने सहित कई अपराधों के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। CBI के अनुसार, उच्च शिक्षा विभाग ने 3 मई को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं के संबंध में 12 मई को शिकायत दर्ज कराई थी। एजेंसी ने उसी दिन FIR दर्ज की और 72 अधिकारियों और कर्मियों के साथ-साथ आठ साइबर फोरेंसिक विशेषज्ञों की कई टीमें गठित कीं।
अबतक कुल 13 लोगों की गिरफ्तारी
CBI ने बताया कि महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और अन्य राज्यों में 92 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया, जिसके परिणामस्वरूप डिजिटल उपकरण, संचार उपकरण और दस्तावेज जब्त किए गए। पहली गिरफ्तारी 13 मई को हुई थी, और अब तक कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और भौतिक विज्ञान के तीन एनटीए विषय विशेषज्ञ शामिल हैं। लीक हुए प्रश्नों को जुटाने और वितरित करने में शामिल कई कथित बिचौलियों के साथ-साथ कोचिंग संस्थानों से जुड़े दो व्यक्तियों को भी गिरफ्तार किया गया है। एजेंसी ने कथित धन प्रवाह की जांच के तहत कई बैंक खातों, बैंक लॉकरों और एक डीमैट खाते को भी फ्रीज कर दिया है।