गुजरात से ISI एजेंट की गिरफ्तारी, ऑपरेशन सिंदूर के खलनायक पर ATS का कसा शिकंजा

गुजरात से ISI एजेंट की गिरफ्तारी, ऑपरेशन सिंदूर के खलनायक पर ATS का कसा शिकंजा

Gujarat ATS: गुजरात एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने कच्छ के ओखा से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के जासूसी नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। ATS ने 24मई को BSF जवान नीलेश बडिया को ISI के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया। इसके अलावा पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े एक अन्य संदिग्ध को भी पकड़ा गया है। बता दें, यह कार्रवाई भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और सीमा पार से होने वाली जासूसी गतिविधियों को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 

BSF जवान और ISI से संबंध

गुजरात ATS ने कच्छ के ओखा में तैनात BSF जवान नीलेश बडिया को संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान को साझा करने के आरोप में गिरफ्तार किया। ATS के एक अधिकारी की मानें तो नीलेश बडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर "अदिति" नाम की एक पाकिस्तानी एजेंट के साथ संपर्क स्थापित किया था।

सूत्रों की मानें तो इस एजेंट ने BSF जवान को भारतीय सीमा पर तैनात अन्य BSF की गतिविधियों और ओखा पोर्ट पर तैनात जहाजों और सीमा सुरक्षा से जुड़ी जानकारी साझा करने के आदेश दिए थे। इस काम के लिए बडिया को प्रति दिन 200रुपये की राशि दी जा रही थी। वहीं, अबतक ये राशि 28,800रुपये हो चुकी हैं, जो उसके एक दोस्त के खाते में ट्रांसफर किए जा रहे थे।

ATS की जांच में क्या पता चला?

ATS की जांच में पता चला कि बडिया ने व्हाट्सएप के जरिए संवेदनशील जानकारी, जैसे बीएसएफ के जहाजों की स्थिति और गतिविधियों की तस्वीरें पाकिस्तानी एजेंट को भेजी थीं। ATS ने बडिया के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 121 (देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने) और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया है।

पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े संदिग्ध की गिरफ्तार

ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत में ISI के जासूसी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए बड़े पैमाने पर छापेमारी शुरू की गई। वहीं, गुजरात में इस कार्रवाई के तहत एक अन्य प्रमुख संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया, जिसे जांच एजेंसियां पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ा "खलनायक" मान रही हैं। हालांकि इस संदिग्ध की पहचान को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। लेकिन इसकी गिरफ्तारी गुजरात के भुज क्षेत्र से हुई, जहां से इसके पास से कई गोपनीय दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए।

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