रूस के इस मिसाइल से लैस हुए भारतीय जवान, दुश्मनों को धूल चटाएगा ये नया हथियार

रूस के इस मिसाइल से लैस हुए भारतीय जवान, दुश्मनों को धूल चटाएगा ये नया हथियार

Indian Army: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है। इस हमले में पर्यटकों को निशाने बनाते हुए गोलीबारी की गई थी। जिसमें 26 मासूम लोगों की जान चली गई। इस हमले के बाद से दोनों देशों के बीच युद्ध जैसे हालात पैदा हो गए हैं। पाकिस्तान की ओर से लगातार गीदड़भभकी दी जा रही है। इस बीच, भारत अपनी सैन्य ताकत को और ज्यादा मजबूत करने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा है। इसी कड़ी में भारत को रूस से अत्याधुनिक इग्ला-एस (IGLA-S) मैन पोर्टेबल एयर डिफेंस मिसाइलों की नई खेप प्राप्त हुई है। ये नई मिसाइल पाकिस्तान के लिए एक बड़ा खतरा बनकर सामने आया है।

भारत की नई ताकत IGLA-S मिसाइलें

बता दें, रूस से मिले  IGLA-S मिसाइलें कंधे से दागी जाने वाली (मैन पोर्टेबल) वायु रक्षा प्रणाली हैं। जिसे अत्यंत प्रभावी और घातक माना जा रहा है। इन मिसाइलों को विशेष रूप से नीची उड़ान भरने वाले दुश्मन के लड़ाकू विमानों, ड्रोन्स, क्रूज मिसाइलों और हमलावर हेलीकॉप्टरों को नष्ट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

सूत्रों की मानें तो भारतीय सेना ने रूस से मिले इन मिसाइलों को अपनी अग्रिम चौकियों और सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात करना शुरू कर दिया है। ताकि युद्ध जैसे हालात पैदा होने पर तुरंत जवाब दिया जा सके। बता दें, नई मिसाइलों की आपूर्ति आपातकालीन खरीद शक्तियों के तहत की जा रही है।

IGLA-S मिसाइल की खासियत

इग्ला-एस एक अत्याधुनिक मैन पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम (MANPADS) है, जिसे रूस ने विकसित किया है। यह नीची उड़ान भरने वाले हवाई खतरों को नष्ट करने में सक्षम है। इस मिसाइल की रेंज 6 किमी तक है। वहीं, इसकी ऊंचाई 3.5 किमी है। इसके अलावा यह कम दूरी पर उड़ने वाले विमान, हेलीकॉप्टर, ड्रोन, और क्रूज मिसाइलों को निशाना बनाने में सक्षम है।

रक्षा सूत्रों ने बताया कि इग्ला-एस वायु रक्षा मिसाइलों की नई आपूर्ति कुछ हफ़्ते पहले भारतीय सेना को मिली है और इसे सीमाओं पर दुश्मन के लड़ाकू विमानों, हेलिकॉप्टरों और ड्रोन से खतरे का ख्याल रखने के लिए अग्रिम संरचनाओं को प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लगभग 260 करोड़ रुपये के अनुबंध से विशेष रूप से पश्चिमी क्षेत्र में अग्रिम क्षेत्रों में वायु रक्षा सैनिकों की ताकत बढ़ने की उम्मीद है।

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