जल संकट से घिरा पाकिस्तान, सिंधु नदी से पानी रोक भारत बना रहा 10 हजार मेगावॉट बिजली

जल संकट से घिरा पाकिस्तान, सिंधु नदी से पानी रोक भारत बना रहा 10 हजार मेगावॉट बिजली

India Hydroelectric Projects: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले के बाद से भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है। भारत सरकार ने पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। भारत ने पहले 1960में विश्व बैंक की मध्यस्थता के तहत सिंधु जल संधि को निलंबित करने का फैसला लिया था। वहीं अब चिनाब नदी पर बने बगलिहार बांध से पानी को रोक दिया है। इसके अलावा भारत ने एक और कदम उठाया है। भारत ने अपने इस कदम से अपनी जलविद्युत परियोजनाओं को गति दी है। जिससे हजारों मेगावाट बिजली उत्पादन के कई रास्ते खुल रहे हैं।

बता दें, भारत के सिंधु जल संधि औऱ बगलिहार बांध से पानी को रोकने वाले फैसले से पाकिस्तान में जल संकट की आशंका और ज्यादा बढ़ गई है। इस संकट से पाकिस्तान की कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था पर काफी गहरा असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का संकट पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।

बिजली उत्पादन को लेकर भारत की रणनीति

बता दें, पाकिस्तान से बढ़ते तनाव के चलते भारत ने सिंधु जल समझौता निलंबित करने का फैसला सुना दिया। जिसके बाद भारत पश्चिमी नदियों पर पानी रोकने और जलविद्युत परियोजनाओं पर सुचारु रुप से काम करने की योजना बना रहा है। इस समय भारत का लक्ष्य बांधों की भंडारण क्षमता को बिजली उत्पादन को बढ़ाना है।

भारत की जलविद्युत परियोजनाओं

भारत मौजूदा बुनियादी ढांचे के साथ पाकिस्तान में बहने वाले पानी का एक हिस्सा स्टोर करनी की प्लानिंग कर रहा है। ऐसा करने से जलविद्युत उत्पादन भी बढ़ेगा।  इसके साथ भारत बरसर और सावलकोट बांध परियोजनाओं को प्राथमिकता दे रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर 925मिलियन क्यूबिक मीटर की भंडारण क्षमता उपलब्ध होगी। बता दें, समझौता निलंबित करना और जल परियोजनाओं को गति देने के इस फैसले से भारत पाकिस्तान को कड़ा संदेश देना चाहता है कि भारत के पास आतंकवाद के खिलाफ कई विकल्प मौजूद हैं।

10हजार मेगावॉट बिजली उत्पादन की उम्मीद

भारत जम्मू-कश्मीर में नई जलविद्युत परियोजनाओं पर काम कर रहा है। इन परियोजनाओं में चिनाब, झेलम, और सिंधु नदी शामिल हैं।

  1. पाकल दुल जलविद्युत परियोजना के तहत 1000मेगावाट
  2. बगलिहार जलविद्युत परियोजना के तहत 900मेगावाट
  3. सलाल जलविद्युत परियोजना के तहच 690मेगावाट
  4. किशनगंगा जलविद्युत परियोजना के तहत 330 मेगावाट

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