
COVID-19Cases 2025: भारत में एक बार फिर कोविड-19 के मामलों में तेजी देखी जा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में कुल एक्टिव केस 6,174 तक पहुंच गए हैं। जिसमें केरल और दिल्ली सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य हैं। स्वास्थ्य विभाग की मानें तो इस उछाल के पीछे नए सब-वैरिएंट्स, कम होती वैक्सीन इम्यूनिटी और मौसमी बदलाव जैसे कारक जिम्मेदार माने जा रहे हैं।
कोरोना के एक्टिव केस और प्रभावित राज्य
08 जून तक भारत में कुल एक्टिव कोविड-19 केस 6,174 दर्ज किए गए हैं, जिसमें केरल में सबसे ज्यादा 1,806 मामले हैं। वहीं, दिल्ली 628 एक्टिव केस के साथ दूसरे स्थान पर है। जबकि गुजरात (915), पश्चिम बंगाल (651), कर्नाटक (456), तमिलनाडु (236) और महाराष्ट्र (562) भी प्रभावित राज्यों में शामिल हैं। इसके साथ उत्तर प्रदेश (213), राजस्थान (119) और मध्य प्रदेश (24) में भी मामले बढ़ रहे हैं।
पिछले 24 घंटों में देश में 412 नए मामले दर्ज किए गए, जिनमें केरल में 139, गुजरात में 121 और दिल्ली में 35 मामले शामिल हैं। इस दौरान चार मौतें भी हुईं, जिनमें दो केरल से, एक पंजाब से और एक कर्नाटक से दर्ज की गईं। जनवरी 2025 से अब तक कुल 48 मौतें हो चुकी हैं, जिनमें ज्यादातर बुजुर्ग या गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीज शामिल हैं।
नए वैरिएंट्स और बढ़ते मामलों की वजह
कोविड-19 के इस ताजा उछाल के लिए चार सब-वैरिएंट्स—LF.7, XFG, JN.1, और NB.1.8.1—को जिम्मेदार माना जा रहा है। इनमें JN.1 सबसे प्रमुख है, जो देश के 53% मामलों के लिए जिम्मेदार है। NB.1.8.1 और LF.7 को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने ‘Variants Under Monitoring’ की श्रेणी में रखा है। जिसका मतलब है कि ये वैरिएंट्स अधिक संक्रामक हो सकते हैं, लेकिन अभी इन्हें ‘Variants of Concern’ नहीं माना गया है।
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