CBI की बड़ी कार्रवाई, बैंक फ्रॉड के आरोपी अंगद सिंह चंडोक को अमेरिका से भारत लाया गया

CBI की बड़ी कार्रवाई, बैंक फ्रॉड के आरोपी अंगद सिंह चंडोक को अमेरिका से भारत लाया गया

CBI Arrested Angad Singh Chandok: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बैंक धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में अहम कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत CBI कुख्यात अपराधी अंगद सिंह चंडोक को अमेरिका से डिपोर्ट कर भारत लेकर आई है। बता दें, चंडोक पर भारत में बैंक धोखाधड़ी और अमेरिका में बुजुर्गों के साथ टेक-सपोर्ट घोटाले में शामिल होने का आरोप है।

अंगद सिंह चंडोक का आपराधिक इतिहास

34वर्षीय अंगद सिंह चंडोक भारतीय मूल का व्यक्ति है। लेकिन उस पर भारत और अमेरिका दोनों देशों में गंभीर आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। भारत में शामिल आपराधिक गतिविधियों की बात करें तो चंडोक पर एक बड़े बैंक धोखाधड़ी मामले में शामिल होने का आरोप है। उन्होंने कई बैंकों के साथ धोखाधड़ी कर लाखों रुपये की हेराफेरी की। CBI ने बताया कि यह मामला साल 2010का है। जब चंडोक ने कथित तौर पर जाली दस्तावेजों और फर्जी कंपनियों के जरिए बैंकों से भारी-भरकम उधार लिया और फिर डिफॉल्ट कर दिया। इस धोखाधड़ी से बैंकों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।

वहीं, अब अमेरिका में शामिल आपराधिक गतिविधियों की बात करें तो चंडोक को 2022में टेक-सपोर्ट घोटाले में दोषी ठहराया गया था। अमेरिकी न्याय विभाग की मानें तो चंडोक ने कैलिफोर्निया में एक मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क संचालित किया। जिसमें शेल कंपनियों के माध्यम से लाखों डॉलर की हेराफेरी की गई। इस घोटाले में मुख्य रूप से बुजुर्ग अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाया गया। जिनकी जीवनभर की बचत को धोखे से हड़प लिया गया। वहीं, साल 2019में चंडोक ने इस मामले में दोष स्वीकार किया और उसे 06साल की सजा सुनाई गई थी।

CBI की हिरासत में चंडोक

बता दें, चंडोक की डिपोर्टेशन CBI, इंटरपोल, और अमेरिकी अधिकारियों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सहयोग का परिणाम है। भारत में उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था और CBI ने ‘ऑपरेशन त्रिशूल’ के तहत उसकी गतिविधियों पर नजर रखी। अमेरिका में अपनी सजा पूरी करने के बाद चंडोक ने वहां शरण लेने की कोशिश की।

लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने उसे डिपोर्ट करने का फैसला किया। जिसके बाद 24 मई को सुबह वह दिल्ली पहुंचा, जहां CBI ने उसे हिरासत में लिया। उसे जल्द ही विशेष अदालत में पेश किया जाएगा, जहां बैंक धोखाधड़ी के मामलों में उसका ट्रायल शुरू होगा।

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