
Akash Defence System: 09 मई की रात पाकिस्तान द्वारा दागी गई फतेह-1 बैलिस्टिक मिसाइल को भारत की S-400 वायु रक्षा प्रणाली ने हरियाणा के सिरसा क्षेत्र में हवा में नष्ट कर दिया। इस बीच, भारत की स्वदेशी आकाश मिसाइल रक्षा प्रणाली ने भी अपनी ताकत दिखाई। जब आकाश मिसाइल ने पाकिस्तान के ड्रोन और मिसाइल हमलों को नियंत्रण रेखा (LoC) और पश्चिमी सीमा पर आसमान में ही नाकाम कर दिया। आइए आकाश सिस्टम की भूमिका, इसकी तकनीकी क्षमता, और भारत-पाकिस्तान तनाव में इसके योगदान के बारे में जानते है।
भारत का स्वदेशी गौरव आकाश डिफेंस सिस्टम
आकाश मिसाइल रक्षा प्रणाली भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित एक स्वदेशी सतह-से-हवा मिसाइल सिस्टम है। जो कम और मध्यम ऊँचाई पर हवाई खतरों को नष्ट करने में सक्षम है। आकाश मिसाइल 25-30 किलोमीटर की दूरी और 18 किलोमीटर की ऊँचाई तक लक्ष्य को भेद सकती है। इसके अलावा यह लड़ाकू विमान, ड्रोन, क्रूज मिसाइल, और अन्य हवाई खतरों को एक साथ ट्रैक कर नष्ट कर सकता है।
आकाश को मोबाइल लॉन्चर से दागा जा सकता है। जिससे इसे विभिन्न युद्धक्षेत्रों में तैनात करना आसान है। हाल की घटनाओं में आकाश सिस्टम ने S-400, MRSAM, और SAMAR-1 जैसी अन्य प्रणालियों के साथ मिलकर भारत की वायु रक्षा को अभेद्य बनाया।
आकाश सिस्टम ने नाकाम किए कई हमले
बता दें, 7-8 मई और 10 मई को पाकिस्तान द्वारा किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों को नाकाम करने में आकाश सिस्टम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 7-8 मई को 15 शहरों (श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, चंडीगढ़, आदि) पर ड्रोन और मिसाइल हमले को नाकाम किया। 9 मई को पंजाब के वायुसेना अड्डे पर फतेह-1 मिसाइल से हमला नाकाम किया। 10 मई को पाकिस्तान ने अमृतसर में बायकर YIHA III कामिकाजी ड्रोन से हमला किया, जिसे आकाश सिस्टम और सेना की वायु रक्षा तोपों ने नष्ट कर दिया।
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